धमतरी। श्यामतराई क्षेत्र में वर्षों से संचालित कथित देह व्यापार के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को सड़कों पर उतर आया। लंबे समय से चल रही संदिग्ध गतिविधियों से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने चिन्हित मकान का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की और इलाके को अनैतिक गतिविधियों से मुक्त कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से इस मकान में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जिससे गांव का सामाजिक परिवेश और युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ रहा था। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का सब्र आखिरकार बुधवार को टूट गया।
इसी बीच पुलिस ने संदिग्ध मकान पर दबिश देकर 12 युवक और 6 युवतियों सहित कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस द्वारा आरोपियों पर केवल धारा 151 (प्रतिबंधात्मक कार्रवाई) के तहत मामला दर्ज किए जाने से ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े नेटवर्क पर महज खानापूर्ति वाली कार्रवाई नाकाफी है। जब तक देह व्यापार के इस पूरे तंत्र पर कठोर धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी गतिविधियों पर स्थायी रोक नहीं लग सकेगी।
मामले को लेकर ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष टीका राम साहू और श्यामतराई की सरपंच डोमेश्वरी साहू ने कड़ा रुख अपनाया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व में कई बार सूचना देने के बाद यह कार्रवाई हुई है, लेकिन केवल शांति भंग की धाराएं लगाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और मुख्य संचालकों पर कठोर कानूनी शिकंजा कसने की मांग की है। ग्रामीणों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध धंधे को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, तो ग्राम पंचायत और विकास समिति के नेतृत्व में ग्रामीण व्यापक स्तर पर सड़क जाम कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
