सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में जिला सूरजपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम रूनियाडीह में एक ग्रामीण द्वारा सरपंच और उनके पति पर गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम रूनियाडीह निवासी बुधराम सिंह (उम्र 55 वर्ष) ने कलेक्टर सूरजपुर और चौकी प्रभारी करंजी को लिखित आवेदन देकर बताया कि उन्हें व्यक्तिगत रंजिश के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
अवैध रेत उत्खनन का विरोध
पीड़ित बुधराम सिंह के अनुसार, कुछ माह पूर्व ग्राम पंचायत रूनियाडीह में सरपंच सुमित्रा सिंह, उनके पति निर्मल सिंह और कुछ पंचों द्वारा रेण नदी से अवैध रेत उत्खनन कर ट्रैक्टरों और ट्रकों के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही थी। बुधराम सिंह ने इसकी शिकायत माइनिंग शाखा और एसडीएम कार्यालय में की थी, जिसके बाद नदी मार्ग में गेट लगाकर अवैध वसूली बंद करा दी गई। पीड़ित का आरोप है कि इसी आर्थिक नुकसान की वजह से सरपंच और उनके पति उनसे द्वेष रखने लगे और उन्हें लगातार “बुरा हाल करने” की धमकियाँ दी जाने लगीं।
बुधराम सिंह ने बताया कि लगभग 32-34 वर्ष पूर्व (वर्ष 1992-93 में) शासन द्वारा आवासहीन गरीबों को गुजर-बसर के लिए हल्का पटवारी नंबर 16, खसरा नंबर 1222, रकबा 0.39 हेक्टेयर में जमीन आवंटित की गई थी। इस योजना के तहत गांव के 7 लोगों को जमीन और 4000 रुपये दिए गए थे।
पीड़ित का आरोप है कि जब वे अपने इसी पुराने मकान का नवीनीकरण और बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे थे, तब सरपंच और उनके पति द्वारा बार-बार एसडीएम और तहसीलदार को शिकायत कर उन्हें परेशान किया गया। पीड़ित ने यह भी उल्लेख किया है कि उसी खसरा नंबर 1222 में अन्य 6 लोग– इजराईल खान, दया राजवाड़े, फूलसाय सिंह, रूपसाय, रामदास सिंह और तीलसाय सिंह भी काबिज हैं और निर्माण कर चुके हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बाउंड्री तोड़ने और जान से मारने की धमकी
पुलिस चौकी करंजी में दिए आवेदन के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को जब बुधराम सिंह अपनी जमीन पर ईंट की बाउंड्रीवाल बना रहे थे, तब सरपंच सुमित्रा सिंह और उनके पति निर्मल सिंह ग्रामीणों को लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि वे तहसीलदार का आदेश लेकर आए हैं। मौके पर पटवारी और पुलिस बल ने पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और काम रुकवा दिया।
आरोप है कि प्रशासन के जाने के बाद सरपंच सुमित्रा सिंह के साथ ललिता सिंह (पति सखन सिंह), सहोदरी सिंह, शिवरात्रि सिंह, कौशल्या सिंह, बल्लू सिंह, रामखेलावन की पत्नी, अंकित सिंह, संतधारी राजवाड़े व अन्य महिलाओं ने न केवल ईंट की बाउंड्री उखाड़ दी, बल्कि गाली-गलौज करते हुए बुधराम सिंह को जान से मारने की धमकी भी दी।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
15 अप्रैल को कलेक्टर को दिए आवेदन में बुधराम सिंह ने स्पष्ट किया कि गांव में लगभग 200 एकड़ शासकीय जमीन पर लोगों का कब्जा है, लेकिन केवल रेत उत्खनन की शिकायत का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
पीड़ित ने मांग की है कि, सरपंच सुमित्रा सिंह और उनके पति द्वारा किए जा रहे पद के दुरुपयोग की जांच हो। खसरा नंबर 1222 और अन्य शासकीय भूमि पर हुए कब्जों की निष्पक्ष जांच की जाए।, जान-माल की हानि होने पर जवाबदेही तय करते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मामले में पीड़ित ने टेकलाल सिंह और सोहन सिंह को गवाह के रूप में प्रस्तुत किया है। प्रशासन के समक्ष अब यह चुनौती है कि वह इस व्यक्तिगत रंजिश और शासकीय भूमि के विवाद की निष्पक्ष जांच करे।
