कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। उरगा थाना क्षेत्र के चीतापाली गांव में बीती रात जमीन के बंटवारे को लेकर उपजे मामूली विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही बूढ़ी मां को मौत के घाट उतार दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पैर से दिव्यांग वह बेटा है जो खुद चलने के लिए जिस लाठी का सहारा लेता था, उसी लाठी को उसने अपने माता-पिता के खून से लाल कर दिया। संपत्ति के लालच में अंधे हो चुके इस बेटे ने जमीन बांटने से इनकार करने पर अपनी 70 वर्षीय मां जानकुंवर यादव के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौके पर ही ढेरों कर दिया। जब 72 वर्षीय लाचार पिता श्याम लाल यादव अपनी पत्नी को बचाने दौड़े, तो सिरफिरे बेटे ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनका पैर टूट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस रूह कँपा देने वाली वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा रात के अंधेरे में ही मौके से फरार हो गया, जिसके चलते पूरी रात मृतका का शव घर में ही पड़ा रहा और घायल बुजुर्ग पिता दर्द से तड़पते रहे। शनिवार की सुबह जब इस खूनी खेल की भनक उरगा थाना प्रभारी एसआई नवीन पटेल को लगी, तो उन्होंने फौरन वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और पुलिस बल के साथ मौके पर कूच किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिना वक्त गंवाए घेराबंदी शुरू की और महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी रामकुमार यादव (32 वर्ष) को पास के ही ग्राम अंजोरीपाली से धर दबोचा। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है, वहीं गंभीर रूप से घायल पिता का इलाज जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिसिया तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि श्याम लाल यादव का बड़ा बेटा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कोरबा में अलग रहता है, जबकि छोटा बेटा रामकुमार, जो कि चलने-फिरने में असमर्थ है, माता-पिता के साथ गांव में ही रहता था। रामकुमार पिछले काफी समय से घर की जमीन-जायदाद को अपने नाम करवाने और बंटवारा करने का दबाव बना रहा था, लेकिन बुजुर्ग माता-पिता अभी इसके पक्ष में नहीं थे। शुक्रवार की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच इसी बात को लेकर घर में फिर से बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते चीख-पुकार में बदल गई। आवेश में आकर रामकुमार ने अपनी बैसाखी रूपी लाठी से हमला कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो आरोपी का स्वभाव पहले से ही हिंसक था और वह पूर्व में भी कई बार अपने बूढ़े मां-बाप के साथ मारपीट कर चुका था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है, लेकिन इस आत्मघाती घटना के बाद से पूरे चीतापाली गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस कलयुगी बेटे की करतूत से स्तब्ध है।
