– सम्मान और बेहतर देखभाल के दावों के बीच डे-केयर सेंटर की व्यवस्था पर सवाल, किराए के भवन में होगा संचालन
जांजगीर-चांपा। बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर शुरुआत से ही अपनी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। समाज कल्याण विभाग ने केंद्र का शुभारंभ तो करा दिया, लेकिन इसका संचालन किराए के मकान से होगा। वहीं संचालन की जिम्मेदारी एक एनजीओ को सौंपी गई है।
सांसद कमलेश जांगड़े ने शुक्रवार को केंद्र का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। शुभारंभ के दौरान अतिथियों ने बुजुर्गों के साथ कैरम और लूडो खेलकर आत्मीयता दिखाई।
केंद्र में योग, प्राणायाम, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, पुस्तकालय, मनोरंजन, भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि किराए के मकान में संचालित होने वाले इस केंद्र में इन सुविधाओं की नियमित व्यवस्था कैसे सुनिश्चित होगी?
एक तरफ बुजुर्गों के सम्मान और बेहतर देखभाल के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ किराए के भवन और एनजीओ के भरोसे संचालन की व्यवस्था बनाई गई है।
अब सवाल समाज कल्याण विभाग से है कि एनजीओ के कामकाज की निगरानी कौन करेगा? सुविधाओं की गुणवत्ता और बजट के उपयोग की जवाबदेही किसकी होगी? बुजुर्गों को वास्तविक लाभ मिलेगा या यह योजना भी सरकारी कागजों और औपचारिक आयोजनों तक सीमित रह जाएगी? फीता कट गया, अब सुविधाओं की परीक्षा बाकी है।
