बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित संयुक्त कार्यालय भवन का हर गलियारा आज एक खास आवाज को मिस कर रहा है। वह आवाज थी श्री रामनारायण बारी की, जो हर छोटे-बड़े अधिकारी और कर्मचारी को बिना किसी संकोच के हमेशा ‘नमस्ते सर’ कहकर संबोधित करते थे। सादगी और मिलनसार स्वभाव के धनी रामनारायण बारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जैसे ही लोगों को उनके शासकीय सेवा की अर्धवार्षिकी (आयु सीमा) पूरी होने की खबर मिली, दफ्तर की हर आंख उनके चिर-परिचित हंसमुख चेहरे को ढूंढती नजर आई। हर किसी के मानस पटल पर उनकी आत्मीय छवि उभर आई। इस विदाई बेला पर उनके विभाग द्वारा एक सादे गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सभी सहयोगियों ने उनके सुखद, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
रामनारायण बारी जिले के प्रशासनिक हल्के में किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनका अनुशासित जीवन और हर किसी से घुल-मिल जाने की कला संयुक्त कार्यालय के कर्मचारियों के दिलों में हमेशा के लिए एक अमिट याद बन गई है। बारी जी ने अपने पूरे सेवाकाल में यह साबित किया कि अनुशासन और कर्तव्यपरायणता से किस तरह सम्मान अर्जित किया जाता है। संयुक्त कार्यालय भवन का शायद ही कोई ऐसा सदस्य हो, जो उनके आत्मीय व्यवहार से वाकिफ न हो। अपनी विशिष्ट कार्यशैली से उन्होंने न केवल अपनी एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने संवर्गीय कर्मचारियों के लिए पेशेवर प्रतिबद्धता की एक बेहतरीन मिसाल भी पेश की।
उनका जीवन इस बात का जीवंत संदेश है कि व्यक्तिगत भावनाएं और परिस्थितियां अपनी जगह होती हैं, लेकिन पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूरी तरह निष्पक्ष और सर्वोपरि होना चाहिए। अपने जीवन के तमाम उतार-चढ़ावों को देखते हुए भी उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ एक सच्चे शासकीय सेवक के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। अब जबकि वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, संयुक्त कार्यालय में गूंजने वाला उनका वह सदाबहार ‘नमस्ते सर’ अब एक यादगार पल बनकर रह गया है, क्योंकि अब बारी जी रोज की तरह दफ्तर में नजर नहीं आएंगे।
अगर उनके इस लंबे और प्रेरणादायी सफर पर नजर डालें, तो रामनारायण बारी ने साल 1994 में सरगुजा जिले से एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में अपने शासकीय सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद, अपनी मेहनत के बल पर 8 जुलाई 2008 को वे नागरिक आपूर्ति निगम में ‘तुलावटी’ के पद पर नियमित कर्मचारी के रूप में नियुक्त हुए। श्री बारी ने अपने कार्यकाल के दौरान पहले अम्बिकापुर और तत्पश्चात बलरामपुर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला कार्यालय में अपनी सेवाएं दीं, जिसे विभाग हमेशा एक अनुकरणीय योगदान के रूप में याद रखेगा।
