बिलासपुर। मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर विकास के दावों और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। बिलासपुर-उरगा फोरलेन परियोजना के तहत ढेंका के पास बनाए जा रहे निर्माणाधीन ओवरब्रिज का एक बड़ा हिस्सा लगातार हो रही बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश के तेज बहाव में ओवरब्रिज के निर्माण में इस्तेमाल की गई मिट्टी, मुरूम और गिट्टी बहकर सीधे मुख्य मार्ग पर आ जमा हुई, जिससे देखते ही देखते यह व्यस्त हाईवे पूरी तरह से बाधित हो गया।
सड़क पर मलबे और कीचड़ के फैलाव के कारण देर रात से ही हाईवे पर पहिए थम गए। देखते ही देखते बिलासपुर, रायपुर और रायगढ़ को जोड़ने वाले इस प्रमुख रूट पर वाहनों की किलोमीटरों लंबी कतारें लग गईं। इस भीषण जाम में सैकड़ों यात्री बसें, निजी वाहन और जरूरी सामान ले जा रहे मालवाहक ट्रक फंसे हुए हैं। इस मानसूनी आफत में फंसे राहगीरों और चालकों के लिए रात काटना बेहद मुश्किल साबित हुआ, वहीं बारिश के बीच जरूरी सुविधाओं के अभाव ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया।
घटना के घंटों बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है, जिसको लेकर स्थानीय निवासियों और जाम में फंसे यात्रियों का गुस्सा चरम पर है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर मार्ग बाधित होने और राहगीरों के फंसे होने के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या स्थानीय प्रशासन की कोई भी टीम मौके पर स्थिति का जायजा लेने तक नहीं पहुंची है। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम और राहत कार्य के, हजारों लोग इस बारिश के बीच हाईवे पर फंसे रहने को मजबूर हैं।
