नई दिल्ली। अक्टूबर की पहली तारीख से आम आदमी की जेब और दैनिक दिनचर्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। रसोई गैस की सब्सिडी से लेकर बैंकों के ब्याज, एटीएम निकासी, संपत्ति खरीद और सार्वजनिक परिवहन तक के नियमों में बदलाव किया गया है, जिनका सीधा असर पारिवारिक बजट पर पड़ेगा।
रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए सबसे जरूरी बदलाव एलपीजी सब्सिडी को लेकर है। यदि सब्सिडी वाले ग्राहकों ने तय समय सीमा तक अपना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं कराया, तो उन्हें मिलने वाली सब्सिडी बंद हो जाएगी। हालांकि गैस कनेक्शन चालू रहेगा और सिलेंडर की आपूर्ति भी सामान्य रहेगी, लेकिन ग्राहकों को बाजार दर पर ही रिफिल खरीदना होगा। यह प्रक्रिया तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप, नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर सेंटर या डिलीवरी के वक्त पूरी कराई जा सकती है।
बैंकिंग क्षेत्र में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नियमों को अधिक पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। इसके तहत सभी बैंकों को एक ही तारीख पर जमा समान राशि के लिए अपनी सभी शाखाओं में एक समान ब्याज दरें लागू करनी होंगी। साथ ही, स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे रोजाना सुबह 10:00 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एफडी दरों की अद्यतन सूची जारी करें, जिससे ग्राहकों के साथ ब्याज दरों को लेकर होने वाले अंतर पर रोक लग सके।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों को भी अब निकासी नियमों का ध्यान रखना होगा। नए नियम के मुताबिक, शाखा के जरिए महीने में केवल चार बार नकद निकासी ही मुफ्त रहेगी। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त नकद निकासी पर 15 रुपये शुल्क और उस पर लागू जीएसटी वसूला जाएगा।
नागरिक सेवाओं के मोर्चे पर जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के पंजीकरण को लेकर नियम सख्त कर दिए गए हैं। घटना के 21 दिनों के भीतर अस्पताल या स्थानीय निकाय (नगर निगम अथवा पंचायत) में कराया गया पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इसके बाद देरी होने पर विलंब शुल्क और हलफनामा देना अनिवार्य होगा। एक से दो साल के विलंब पर सक्षम कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा दो वर्ष से अधिक की देरी पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की औपचारिक अनुमति के बाद ही प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकेगा।
सेवानिवृत्ति की योजना बना रहे लोगों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत ‘NPS स्वास्थ्य’ नामक सुविधा लाई जा रही है। इसमें रिटायरमेंट फंड के साथ-साथ एक अलग सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का विकल्प भी मिलेगा, जिससे करोड़ों अंशधारकों को एक ही मंच पर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
अचल संपत्ति के बाजार में गैर-आवासीय भारतीय (NRI) विक्रेताओं से प्रॉपर्टी खरीदने वाले खरीदारों को राहत दी गई है। नए आयकर प्रावधानों के अनुसार, स्थानीय व्यक्तिगत खरीदारों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को अब अलग से टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) लेने की बाध्यता नहीं होगी; वे अपने सामान्य स्थायी खाता संख्या (PAN) का उपयोग करके ही स्रोत पर कर (TDS) काट सकेंगे।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण खरीदना महंगा होने जा रहा है। तांबा, इस्पात और कच्चे तेल की बढ़ती लागत तथा मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव के कारण प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने एलईडी टीवी, एसी और वॉशिंग मशीन जैसी वस्तुओं के दाम 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया है।
पर्यावरण और यातायात नियमों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। सर्दियों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUCC) के वाहन चलाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना, 3 से 6 महीने तक की सजा या दोनों का प्रावधान सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके लिए दिल्ली और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष जांच दल तैनात किए गए हैं।
दिल्ली में सार्वजनिक बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर की व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। डीटीसी और क्लस्टर बसों में अब पारंपरिक गुलाबी कागजी टिकटों का उपयोग बंद कर ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ अनिवार्य कर दिया गया है। यात्रा के दौरान कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा; कार्ड न होने की स्थिति में यात्रियों को सामान्य टिकट खरीदकर ही यात्रा करने की अनुमति होगी।
