रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध पंचधारी एनीकट अब सैलानियों के लिए ‘नो-गो जोन’ बन गया है। लगातार हो रही डूबने की दुखद घटनाओं और सुरक्षा खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने यहाँ बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 11 मई 2026 से लागू यह आदेश अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिसका उल्लंघन करने वालों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
सोमवार देर रात जारी इस आधिकारिक आदेश के मुताबिक, एनीकट के मुख्य जलभराव क्षेत्र, स्पिलवे और डाउनस्ट्रीम सहित आसपास के तमाम जलस्रोतों में तैराकी, स्नान और गोताखोरी को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये क्षेत्र अत्यधिक जोखिमपूर्ण हैं, इसलिए पानी में उतरना या कपड़े धोना अब कानूनन अपराध होगा। सुरक्षा के मद्देनजर शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक इस पूरे इलाके में आम नागरिकों की आवाजाही पर पूर्ण रोक रहेगी। इसके अलावा, एनीकट के 500 मीटर के दायरे में शराब, गांजा या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के बीच बढ़ते सेल्फी के क्रेज को देखते हुए प्रशासन ने एनीकट की रिटेनिंग वॉल, गेट और फिसलन भरी चट्टानों पर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने को भी प्रतिबंधित श्रेणी में रखा है। बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति के अब यहाँ किसी भी तरह की सामूहिक पिकनिक, पार्टी या स्कूल-कॉलेज टूर का आयोजन नहीं हो सकेगा। पुलिस प्रशासन को मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट बनाने और सप्ताहांत पर विशेष गश्त (पेट्रोलिंग) के निर्देश दिए गए हैं, जबकि जल संसाधन विभाग को खतरनाक पॉइंट्स पर तत्काल बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा गया है। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था इन नियमों की अवहेलना करती है, तो उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
