Ambikapur: शहर के पॉश इलाके में दिनदहाड़े क्रेशर व्यवसायी के दफ्तर मे तोड़फोड़ व लूट..पुलिस गिरफ्त से बाहर ..बेखौफ है आरोपी!..

अम्बिकापुर.. सरगुजा संभाग मुख्यालय में कानून व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की बानगी एक बार फिर देखने को मिली है..जहाँ क्रेशर संचालक के दफ्तर में लाठी डंडों से लैस आधा दर्जन लोगों ने क्रेशर संचालक के भतीजे समेत मौके पर मौजूद कर्मचारियों से मारपीट की घटना को अंजाम दिया है..इतना ही नही दफ्तर में रखे दो लाख रुपये भी लूट लिये..इस घटनाक्रम की सूचना पर गांधीनगर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज किया..लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है!..

दरअसल संभाग मुख्यालय में स्थित कमिश्नर आवास व सर्किट हाऊस के समीप ही क्रेशर संचालक विनोद अग्रवाल का दफ्तर है..जहाँ 23 अप्रैल के दोपहर विकास सोनकर,अनिल सोनकर,अजय श्रीवास्तव,दौलत व अन्य लाठी- डंडों से लैस होकर पहुँचे थे..और क्रेशर व्यवसायी के भतीजे अमन अग्रवाल व मौके पर मौजूद क्रेशर व्यवसायी के कर्मचारियों से मारपीट की ..इतना ही नही दफ्तर में 2 लाख रुपये भी लूट लिये.. इधर इस घटनाक्रम की सूचना पुलिस को दी गई..जिसके बाद पुलिस ने मामले की गम्भीरता को समझते हुए आनन-फानन में एफआईआर तो दर्ज किया ..लेकिन घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नही कर पायी है..और इस घटना के आरोपी बेखौफ शहर में घूम रहे है!..

बता दे कि गाँधी चौक संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर के हृदय स्थल के रूप में जाना जाता है..और गांधी चौक के चंद कदम दूरी पर दिनदहाड़े क्रेशर संचालक के दफ्तर में हुई इस मारपीट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है!..

बहरहाल दिनदहाड़े मारपीट की घटना और पुलिस के एफआईआर में दर्ज लूट की गम्भीर धारा के बावजूद आरोपियों का पुलिस गिरफ्त में ना होना समझ से परे है..इसके साथ ही बेहतर कानून व्यवस्था का दावा करने वाली पुलिस के पुलिसिंग पर भी प्रश्न चिन्ह लग जाता है!..