रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार अपने तय समय से दो-तीन दिन पहले बस्तर के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 11 और 12 जून को मानसून बस्तर में दस्तक दे देगा, जिससे पूरे प्रदेश में मानसूनी फुहारों का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है।
बस्तर संभाग में प्री-मानसून की गतिविधियां पहले से ही सक्रिय हैं। हालांकि बीते दो दिनों से यहां बारिश थमी हुई थी, लेकिन मंगलवार सुबह से ही आसमान में छाए काले घने बादलों ने उमस बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण आज 9 जून को भी भारी बारिश के आसार बने हुए हैं और उम्मीद है कि 11 जून तक मानसून का प्रभाव इस पूरे क्षेत्र में पूरी तरह फैल जाएगा।
आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन का समय 10 से 15 जून के बीच माना जाता है। पिछले एक दशक (2016 से 2025) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो मानसून हर साल इसी अवधि के दौरान सक्रिय हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि साल 2023 में भी मानसून ने 10 से 12 जून के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जबकि साल 2018 में यह और भी पहले यानी 11 से 13 जून के बीच पहुंच गया था। हालांकि, कुछ साल ऐसे भी रहे जब मानसून थोड़ा सुस्त रहा; जैसे साल 2019 और 2024 में इसने 14 से 16 जून के बीच छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया।
मौसम विभाग के दस सालों के ‘मानसून ट्रेंड’ को देखें तो साल 2016, 2021 और 2024 में यह 13 से 15 जून के आसपास सक्रिय हुआ, वहीं साल 2017, 2020, 2022 और बीते वर्ष 2025 में इसके आगमन की तारीख 12 से 15 जून के बीच दर्ज की गई थी। इस बार 11 जून की संभावित तारीख को देखते हुए यह साफ है कि मानसूनी हवाएं छत्तीसगढ़ को जल्दी सराबोर करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
