बलरामपुर। जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। उफनते नदी-नालों और जलभराव के बीच प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत भी सामने आ गई है। भारी बारिश का सबसे बड़ा असर राजपुर तहसील कार्यालय पर देखने को मिला, जहां पुराने भवन की छतें जवाब दे गईं और दफ्तर के कई कमरों में करीब आधा फीट पानी भर गया।
फाइलों और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को भीगने से बचाने के लिए कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। परिसर में बहती पानी की धार के बीच कर्मचारी किसी तरह जरूरी काम निपटाने को मजबूर हैं, जिससे नए भवन के निर्माण की पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।
इधर, ग्रामीण इलाकों में जलभराव और उफनते नालों के कारण संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे तहसील और मुख्यालय पहुंचने वाले ग्रामीणों की आवाजाही ठप पड़ गई है। बिगड़ते मौसम और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने 2 सितंबर को जिले के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जलमग्न रास्तों और उफनते जलस्रोतों के पास जाने का जोखिम न उठाएं और सतर्क रहें।
