गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पोखरा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब वन विभाग के SDO विकास चंद्राकर ने प्रोटोकॉल की अनदेखी कर दी। मंच पर संबोधन के दौरान SDO ने सांसद का नाम लिए बिना सीधे विधायक का नाम ले लिया। प्रशासनिक मर्यादा में हुई इस चूक को देख मंच पर मौजूद मंत्री दयाल दास बघेल भड़क गए और उन्होंने अधिकारी को सरेआम जमकर फटकार लगाई।
मंत्री जी ने तल्ख तेवर दिखाते हुए SDO को याद दिलाया कि मंच पर सांसद भी विराजमान हैं और प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है। मंत्री की इस कड़ी फटकार के बाद अधिकारी ने तुरंत अपनी गलती स्वीकार की और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। शासन-प्रशासन के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल को लेकर यह वाकया अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
