धमतरी। शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए सड़कों का महाजाल बिछाने की तैयारी तेज हो गई है। स्टेट हाईवे मार्गों के चौड़ीकरण और महत्वाकांक्षी बाईपास परियोजनाओं पर एक साथ काम शुरू होने से आने वाले दिनों में धमतरी की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी। इसी कड़ी में मिशन मैदान के आसपास फोरलेन सड़क निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए बाधा बन रहे बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई मशीनों की मदद से शुरू कर दी गई है, जिससे पूरे इलाके में भारी हलचल देखी जा रही है।
इस बड़ी सड़क परियोजना के तहत धमतरी शहर को जोड़ने वाले दो सबसे प्रमुख मार्गों मुजगहन रोड और सिहावा रोड को फोरलेन में तब्दील किया जाना है। इसके लिए सिहावा रोड पर 760 और मुजगहन रोड पर 587 छोटे-बड़े पेड़ों को हटाने की चिन्हित प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही रत्नाबांधा चौक से मुजगहन तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना के प्रथम चरण का काम भी शुरू हो चुका है। हालांकि, भारी मशीनों से की जा रही इस कटाई के दौरान कई बार पेड़ों की विशाल शाखाएं मुख्य सड़क पर गिरने से राहगीरों को आवागमन में अस्थायी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और आने वाले दिनों में इस काम की रफ्तार और तेज होने की संभावना है।
सड़क अधोसंरचना के इस कायाकल्प में केवल चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कई बाईपास भी शामिल हैं। रेलवे स्टेशन के पास मेहताब सिंह गैरेज से अटल चौक होते हुए संबलपुर तक लगभग साढ़े छह किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क का डीपीआर तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। इसके अलावा, लगभग 21 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली छाती से देवपुर तक की नौ किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क का टेंडर भी फाइनल हो चुका है, जो क्षेत्रीय यातायात को एक नई दिशा देगी। इसके साथ ही छाती से नहर रोड कोलियारी तक एक और बाईपास मार्ग विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे भारी वाहनों को शहर के बाहर ही रास्ता मिल जाएगा।
एक तरफ जहां इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के चारों ओर एक मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार होगा और ट्रैफिक का दबाव कम होगा, वहीं दूसरी तरफ इस विकास की आंच सड़क किनारे जीवन-यापन करने वाले गरीब तबके पर भी पड़ रही है। फोरलेन निर्माण के कारण मिशन मैदान और सड़कों के किनारे ठेले, खोमचे और अस्थायी दुकानें लगाने वाले फुटकर विक्रेताओं के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि पेड़ों की कटाई शुरू होने के कारण वे पिछले कई दिनों से अपनी दुकानें नहीं लगा पा रहे हैं। फुटपाथ की इन छोटी दुकानों से ही उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है, ऐसे में यदि प्रशासन ने उन्हें कोई वैकल्पिक स्थान नहीं दिया, तो उनके सामने भुखमरी की नौबत आ जाएगी।
विकास और पर्यावरण व रोजगार के बीच संतुलन बनाने के दावों के साथ धमतरी महापौर रामू रोहरा ने बताया कि फोरलेन सड़क निर्माण के लिए आवश्यक जगह बनाने हेतु ही वर्तमान में पेड़ों को हटाया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए काटे गए पेड़ों के बदले अन्य सुरक्षित स्थानों पर बड़े पैमाने पर नए पौधों का रोपण किया जाएगा, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग को आवश्यक राशि भी सौंप दी है। महापौर के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण और इन नए बाईपास मार्गों के निर्माण से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था विश्वस्तरीय होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से भी हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी, जो धमतरी के भविष्य के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
