रायपुर। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य रक्षा अलंकरण समारोह में जब छत्तीसगढ़ के दो जांबाज पुलिस अधिकारियों का नाम गूंजा, तो पूरा प्रदेश गौरव से सराबोर हो उठा। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को उनकी अदम्य वीरता, अद्वितीय साहस और उत्कृष्ट रणकौशल के लिए प्रतिष्ठित ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया है। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि पर राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दोनों वीर अधिकारियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस गौरवपूर्ण क्षण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, अटूट कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि नक्सल मोर्चे जैसी विषम और अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन जांबाज अफसरों ने जिस दृढ़ संकल्प और बहादुरी का परिचय दिया, वह न केवल अनुकरणीय है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत है।
ओपी चौधरी ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर सपूतों ने अपने साहसिक कारनामों से राष्ट्रीय पटल पर राज्य का मान-सम्मान बहुत ऊंचा कर दिया है। यह सिर्फ उनके विभाग का नहीं, बल्कि हर एक छत्तीसगढ़िया का सम्मान है। वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि इन अधिकारियों को मिला यह सर्वोच्च सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा और देशभक्ति का संचार करेगा। यह उन्हें राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने अत्यंत गर्व के साथ कहा कि आज पूरा छत्तीसगढ़ अपने इन नायक अधिकारियों के शौर्य और समर्पण को सलाम कर रहा है।
