कवर्धा। न्याय प्रक्रिया को सरल, त्वरित और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में कबीरधाम जिले में एक बड़ी पहल होने जा रही है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आगामी 12 सितंबर 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ सहित कबीरधाम जिले में ‘नेशनल लोक अदालत’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। तहसील न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक आयोजित होने वाले इस न्याय मेले का मुख्य उद्देश्य राजीनामा योग्य मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित निराकरण करना है।
इस आयोजन को ऐतिहासिक और अधिक से अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कुमारी संघरत्ना भतपहरी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पुलिस प्रशासन को समंस व नोटिस की तामीली समय पर कराने तथा अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन व लंबित मामलों को चिन्हित कर उनके निराकरण के कड़े निर्देश दिए।
लोक अदालत का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs) गांव-गांव, कस्बों और सुदूर वनांचल क्षेत्रों में घर-घर जाकर ग्रामीणों को लोक अदालत के महत्व, समय व धन की बचत जैसे फायदों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न शासकीय विभागों के प्रचार वाहनों के माध्यम से भी लोक अदालत का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।
इस नेशनल लोक अदालत में आपराधिक शमनीय (राजीनामा योग्य) मामलों के अलावा एनआई एक्ट के तहत चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकवरी के प्री-लिटिगेशन मामले, मोटर दुर्घटना दावा (MACC), पारिवारिक व भरण-पोषण विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली व जल कर, संपत्ति कर, टेलीफोन बिल और राजस्व से जुड़े प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर स्थायी निपटारा किया जाएगा।
लोक अदालत केवल मुकदमों का निपटारा ही नहीं करती, बल्कि पक्षकारों के बीच वर्षों से चली आ रही रंजिश को समाप्त कर आपसी भाईचारे को पुनर्स्थापित करती है। इस महापर्व को सफल बनाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण को पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग, अधिवक्ता संघ, नगर पालिका, विद्युत मंडल, बीएसएनएल और विभिन्न बैंकिंग संस्थानों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हो रहा है।
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