रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा तट पर बने निम्न दबाव (Low Pressure) क्षेत्र के प्रभाव से मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा और विशेष रूप से उत्तरी छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश तथा वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है।
बंगाल की खाड़ी से आ रही लगातार नमी के कारण सरगुजा, बिलासपुर, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की प्रबल संभावना है। वहीं, रायपुर और दुर्ग संभाग सहित अन्य मैदानी इलाकों में दिनभर बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी। बीते दिनों बलरामपुर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से करीब सात प्रतिशत कम बना हुआ है।
राजधानी रायपुर में शनिवार देर शाम हुई दो घंटे की तेज बारिश ने पारे को नीचे ला दिया है। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है; जहाँ 7 अगस्त को तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं शनिवार को यह घटकर 30 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। शनिवार को प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 31.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
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