धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में मवेशी धरपकड़ अभियान के ठप पड़ जाने से एक बार फिर सड़कों पर बेसहारा जानवरों का भारी जमावड़ा नजर आने लगा है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर कलेक्ट्रेट गार्डन और कंपोजिट बिल्डिंग के पार्किंग एरिया तक मवेशियों की घुसपैठ बढ़ गई है। बीच सड़क पर बैठे इन जानवरों के कारण न सिर्फ यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से शहरवासियों में भारी नाराजगी है।
स्थिति यह है कि अर्जुनी मोड़ से लेकर श्यामतराई कृषि उपज मंडी के बीच हर कदम पर मवेशी बैठे देखे जा सकते हैं। बठेना पावर हाउस, नया और पुराना बस स्टैंड, सिहावा चौक, रत्नाबांधा चौक, बाम्बे गैरेज क्षेत्र, अंबेडकर चौक और सोरिद पुल जैसे प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर जानवरों के डेरा जमाने से आवागमन मुश्किल हो गया है। शहर के व्यवसायी टोकेश देवांगन का कहना है कि पूर्व में चलाए गए धरपकड़ अभियान के परिणाम काफी बेहतर थे, लेकिन अब इसके बंद होने से परेशानियां फिर खड़ी हो गई हैं। उन्होंने प्रशासन से मवेशी मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जागरूक नागरिक मोहित साहू ने इस स्थिति के लिए नगर निगम की सुस्ती को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लगातार अभियान चलाकर ही इन हादसों पर रोक लगाई जा सकती है।
लगातार बढ़ रही शिकायतों और हादसों की आशंका के बीच निगम आयुक्त अरुण कुमार वर्मा ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि मवेशियों की धरपकड़ का काम जारी है और पूर्व में पकड़े गए जानवरों को कांजी हाउस में रखा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बेसहारा मवेशियों को लेकर जल्द ही एक नई योजना बनाई जाएगी और लापरवाही बरतने वाले मवेशी मालिकों पर सख्त जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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