कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में तैनात दो थाना प्रभारियों को नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट साहस, अद्वितीय नेतृत्व और सर्वोच्च कर्तव्यनिष्ठा के लिए आगामी 8 जून को राष्ट्रपति द्वारा ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले इस गरिमामयी समारोह में भानुप्रतापपुर के थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और पखांजूर के थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा। इन दोनों जांबाज अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस बड़ी उपलब्धि से न केवल कांकेर जिला, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का पुलिस विभाग और आम नागरिक गौरवान्वित हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों जांबाज पुलिस अफसरों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
इस सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान के पीछे देश के नक्सल इतिहास की एक सबसे बड़ी और साहसिक मुठभेड़ की कहानी जुड़ी है। 16 अप्रैल 2026 को कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 160 किलोमीटर दूर, छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के आपाटोला-कलपर जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई थी। भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट अपने साथियों के साथ अग्रिम पंक्ति में रहकर इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे थे। साढ़े पांच घंटे तक चली इस ऐतिहासिक मुठभेड़ में जवानों ने 15 महिला नक्सलियों सहित कुल 29 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए इन सभी नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इस बेहद गोपनीय और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन की शुरुआत 15 अप्रैल की देर रात को हुई थी, जब जवानों की एक संयुक्त टीम को इन जंगलों की तरफ रवाना किया गया था। अगले दिन यानी 16 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजे पुलिस फोर्स नक्सलियों के मुख्य ठिकाने पर पहुंचने में कामयाब रही। जवानों ने सूझबूझ से घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षाबलों के अदम्य साहस के आगे नक्सलियों के पैर उखड़ गए और इतिहास की यह सबसे बड़ी सफलता दर्ज हुई। मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो वहां से हथियारों का भारी जखीरा बरामद हुआ। बरामद किए गए हथियारों में 1 नग AK-47, 2 नग इंसास राइफल, 1 नग एसएलआर राइफल, 1 नग कार्बाइन, 3 नग .303 राइफल, 2 नग .315 बोर राइफल, 2 नग 9mm पिस्टल, 2 नग देसी लॉन्चर, 8 नग भरमार बंदूक और 1 नग देसी हैंड ग्रेनेड शामिल थे। इसके साथ ही भारी मात्रा में गोला-बारूद और नक्सली सामग्री भी जब्त की गई थी। इन दोनों कप्तानों के इसी अदम्य साहस को देश अब सलाम करने जा रहा है।
