बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की राजपुर पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. चौकी बरियों की टीम ने पशु क्रूरता और तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आबिद अंसारी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. यह कार्रवाई उस पुराने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए की गई है, जिसमें पुलिस ने ‘एंड-टू-एंड’ इन्वेस्टिगेशन का रुख अपनाया था.
घटना की शुरुआत तब हुई थी जब ग्राम आरा सरना पारा के पास एक पिकअप वाहन में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा था. पुलिस की घेराबंदी देखकर तस्करों ने भागने की कोशिश की थी, लेकिन वाहन खेत में फंस जाने के कारण चालक मवेशियों से भरी गाड़ी छोड़कर फरार हो गया था. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन स्वामी और ड्राइवर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन तस्करी की इस खरीद-बिक्री में शामिल मुख्य मास्टरमाइंड पुलिस की पकड़ से बाहर था.
थाना राजपुर के अंतर्गत चौकी बरियों पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी आबिद अंसारी, जो कि झारखंड के गढ़वा जिले का निवासी है, सीतापुर रोड अम्बिकापुर के आसपास छिपा हुआ है. सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान 32 वर्षीय आबिद अंसारी ने मवेशियों की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. न्यायिक रिमांड पर भेजे गए इस आरोपी की गिरफ्तारी से इलाके में सक्रिय पशु तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
