रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में कलेक्ट्रेट के सामने हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो जैन साध्वियों की मौत के मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। इस गंभीर घटना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के लिए रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. गुरुकरण सिंह ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। एडिशनल एसपी (ग्रामीण) संदीप मिश्रा के नेतृत्व में काम करने वाली इस नवगठित एसआईटी में कुल 10 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जो घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश करेंगे।
यह दुखद हादसा 20 मई की सुबह रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में घटित हुआ था, जहां एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से पूज्य आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी का असामयिक देहावसान हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हादसे के बाद फरार हुए कार चालक को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, घटना का सीसीटीवी (CCTV) वीडियो फुटेज सामने आने के बाद मामले में नया विवाद खड़ा हो गया। वीडियो देखने के बाद जैन समाज के लोगों ने इसे महज एक सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए, किसी सुनियोजित साजिश या गहरी आशंका के तहत उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी थी।
इसी सिलसिले में घटना के प्रत्यक्षदर्शी अभिषेक जैन ने पुलिस को एक आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई थी। साथ ही, सोमवार को जैन समाज के आक्रोशित और दुखी लोगों ने शहर में एक विशाल मौन जुलूस निकालकर शासन-प्रशासन से न्याय की मांग की थी। समाज के बढ़ते दबाव और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान संभालने वाली एसआईटी में एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा के साथ सिविल लाइन सीएसपी डॉ. रितु उपाध्याय, सिविल लाइन टीआई विजय सिंह बघेल, विश्वविद्यालय टीआई हितेंद्र नाथ शर्मा और ट्रैफिक इंचार्ज अनीमा शर्मा जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा तकनीकी और जमीनी साक्ष्य जुटाने के लिए टीम में एसआई दलजीत सिंह, साइबर सेल से एसआई गौरव मिश्रा, एमटी शाखा प्रभारी सूबेदार सुगम चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक त्रिदेव तिवारी एवं आरक्षक अंशुमान सोनी को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि इस पूरे घटनाक्रम का सच जल्द से जल्द सामने आ सके।
