बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से ग्राम पंचायतों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से निर्माण कार्य कराने का एक गंभीर मामला सामने आया है। विकासखंड राजपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत करजी में एक ग्रामीण की निजी भूमि पर बिना किसी पूर्व अनुमति या वैधानिक प्रक्रिया के शासकीय बाउंड्री वॉल (सड़क या परिसर की दीवार) का निर्माण शुरू करा दिया गया है। पंचायत प्रशासन और उसके जिम्मेदार पदाधिकारियों की इस कथित मनमानी के खिलाफ पीड़ित ग्रामीण ने तहसीलदार से लिखित शिकायत करते हुए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित भूमि ग्राम करजी निवासी मदन सिंह के निजी स्वामित्व की है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, पीड़ित के नाम पर कुल रकबा लगभग 6 एकड़ भूमि विधिवत दर्ज है, जिसका खसरा नंबर 554 और 555 है। इसके साथ ही, इसी भूमि से सटे हुए अन्य खसरा नंबर 491/2, 489/2 एवं 482 भी उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। पीड़ित मदन सिंह का आरोप है कि उनकी इस निजी भूमि के समीप ही आई.टी.आई. कॉलेज और छात्रावास स्थित है। इन दोनों परिसरों के मध्य की खाली जमीन, जो पूरी तरह से उनकी निजी संपत्ति है, पर ग्राम पंचायत करजी द्वारा अवैध रूप से शासकीय बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पंचायत स्तर पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी और सचिव बिना किसी कानूनी प्रक्रिया, आधिकारिक सीमांकन या भू-स्वामी की सहमति के जबरन इस निर्माण कार्य को अंजाम दे रहे हैं। मामले की गंभीरता और अपने अधिकारों का हनन होते देख पीड़ित मदन सिंह ने तहसीलदार राजपुर को एक औपचारिक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है और स्पष्ट रूप से मांग की है कि खसरा नंबर 554 और 555 पर चल रहे इस अवैध निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग और उच्च अधिकारी पंचायत की इस कथित मनमानी पर क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।
