रायपुर/सक्ती. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर लिमिटेड के प्लांट में एक बड़ा हादसा हो गया है. डभरा तहसील के सिंघीतराई स्थित बॉयलर यूनिट-1 में तकनीकी खराबी के कारण हुए इस धमाके ने 12 परिवारों की खुशियां छीन लीं. इस दुखद औद्योगिक दुर्घटना में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 12 श्रमिकों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है. अन्य घायल श्रमिकों का रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
30 दिनों में मांगी रिपोर्ट
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) अमृत विकास तोपनो ने मंगलवार देर रात घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इस जांच की जिम्मेदारी डभरा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को सौंपी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा केवल घटना के कारणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल होगी।
इन मुख्य बिंदुओं पर होगी जांच
– हादसा किन तकनीकी कारणों या मानवीय चूक की वजह से हुआ?
– क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया जा रहा था?
– पिछले सुरक्षा निरीक्षणों (Safety Audits) की क्या स्थिति थी?
– भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जाने चाहिए?
जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे सभी पक्षों के बयान दर्ज कर 30 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपें. इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के श्रमिकों और स्थानीय निवासियों में आक्रोश और शोक का माहौल है.
