सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक लापरवाह शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बिना किसी पूर्व अनुमति और सूचना के पिछले तीन साल से लगातार ड्यूटी से गायब रहने के कारण सहायक शिक्षक लक्ष्मी प्रसाद नायक पर यह गाज गिरी है। विभागीय जांच में उन पर लगे आरोप पूरी तरह सही पाए गए, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया।
बर्खास्त किए गए सहायक शिक्षक लक्ष्मी प्रसाद नायक विकासखंड सारंगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला नाचनपाली में पदस्थ थे। वे 14 सितंबर 2022 से बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के लगातार अनधिकृत रूप से अपने कर्तव्य से अनुपस्थित चल रहे थे। इस लंबे समय तक गायब रहने को विभाग ने नियमों का गंभीर और अक्षम्य उल्लंघन माना, जिसके बाद मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे।
इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर भी दिया गया था। शिक्षक द्वारा अपनी अनुपस्थिति के पीछे बीमारी का हवाला देते हुए कुछ चिकित्सकीय दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे। विभाग ने पूरी निष्पक्षता बरतते हुए जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से इन दस्तावेजों का द्वितीय चिकित्सकीय अभिमत (Second Medical Opinion) भी लिया। हालांकि, कड़ी जांच के बावजूद शिक्षक की इतनी लंबी अनुपस्थिति का कोई संतोषजनक और प्रामाणिक कारण सिद्ध नहीं हो सका।
अंततः विभागीय जांच प्रतिवेदन, उपलब्ध साक्ष्यों और सभी अभिलेखों के सूक्ष्म परीक्षण के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के निहित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए लक्ष्मी प्रसाद नायक को 14 सितंबर 2022 से ही प्रभावी रूप से शासकीय सेवा से बर्खास्त करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया। तत्काल प्रभाव से लागू की गई इस कार्रवाई के साथ ही शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सेवा नियमों का उल्लंघन करने वाले और अनुशासनहीन कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
