रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर युवा नेता रवि भगत ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कह दिया है। रवि भगत ने न केवल अपने सांगठनिक दायित्वों से मुंह मोड़ा है, बल्कि बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से भी अपना इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपना त्याग पत्र सीधे मंडल अध्यक्ष को प्रेषित किया है। इस फैसले को और पुख्ता करते हुए उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी इस इस्तीफे को सार्वजनिक कर दिया है, जिसके बाद से ही प्रदेश के सियासी पारे में उबाल आ गया है।
दरअसल, यह फैसला अचानक लिया गया कदम नहीं माना जा रहा है। पिछले काफी समय से रवि भगत के तेवर अपनी ही पार्टी के खिलाफ तीखे नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल के दिनों में कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर पार्टी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उनका यह कड़ा कदम संगठन के भीतर सुलग रहे असंतोष और आपसी मतभेदों का ही नतीजा है। आपको बता दें कि रवि भगत सिर्फ राज्य तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि वे भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। संगठन में बेहद सक्रिय और मजबूत पकड़ रखने वाले इस युवा चेहरे के जाने से बीजेपी को आगामी दिनों में नुकसान उठाना पड़ सकता है, वहीं विपक्षी खेमे की नजरें अब उनके अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
