सूरजपुर. नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में आबकारी विभाग को चकमा देकर फरार होने वाले आरोपी भोले घसिया ने आखिरकार कानून के शिकंजे में खुद को सौंप दिया है. सूरजपुर के विशेष न्यायालय (नारकोटिक्स) में बुधवार को आरोपी ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद आबकारी उड़नदस्ता टीम ने उसे गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है.
मामला 11 अप्रैल 2026 का है, जब सरगुजा जिला सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर विश्रामपुर स्थित आईटीआई कॉलोनी के मकान नंबर 1030 में छापेमारी की थी. तलाशी के दौरान आरोपी भोले घसिया के शयन कक्ष से कुल 295 नग प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की गईं, जिनमें 132 नग स्पास्मो प्रॉक्सिवोन प्लस कैप्सूल, 73 नग अल्प्रासेन टैबलेट और 90 नग अल्प्राक्स अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल थीं. इन नशीली दवाओं को जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई और उसे रिमांड की प्रक्रिया के लिए सूरजपुर आबकारी नियंत्रण कक्ष लाया गया था.
हिरासत के दौरान आरोपी ने चकमा देने की फिराक में पानी पीने का बहाना बनाया और ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक मेवालाल सोनवानी व महिला सैनिक की आंखों में धूल झोंककर वहां से फरार हो गया. उस समय आबकारी की मुख्य टीम एक अन्य छापेमारी के लिए निकल गई थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी भागने में सफल रहा. इस घटना के बाद से ही विभाग उसकी तलाश में जुटा था.
अंततः कानूनी दबाव के चलते आरोपी भोले घसिया ने 15 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायाधीश के समक्ष सरेंडर कर दिया. न्यायालय के आदेश पर आबकारी विभाग ने आरोपी को पुनः औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और रिमांड लेने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
