जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय के हाईस्कूल मैदान में शनिवार को 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में खेल से ज्यादा अव्यवस्था चर्चा का विषय बनी रही। 22 से 25 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता के उद्घाटन में पहुंचे जनप्रतिनिधियों और अतिथियों को आयोजकों की लचर व्यवस्था का सामना करना पड़ा। अव्यवस्था से नाराज पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल सहित अन्य अतिथियों ने जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा को जमकर फटकार लगाई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद कमलेश जांगड़े के करीब एक घंटे विलंब से पहुंचने के कारण मैदान में मौजूद खिलाड़ी, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल और अन्य अतिथियों को इंतजार करना पड़ा। सांसद के पहुंचने के बाद आनन-फानन में उद्घाटन कराया गया। इसके बाद उद्बोधन की बारी आई तो केवल मुख्य अतिथि का ही संबोधन कराया गया, जबकि अन्य आमंत्रित अतिथियों को बोलने का अवसर नहीं मिल सका। यहां तक कि कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन भी नहीं हो पाया।
अव्यवस्था की हद तब हो गई, जब अतिथि मंच से उतरकर अपनी गाड़ियों तक पहुंच गए। इसके बाद आयोजक टीम स्मृति चिन्ह लेकर वहां पहुंची और सम्मान करने का प्रयास किया। इस अव्यवस्थित तरीके पर भी DEO को अतिथियों की नाराजगी झेलनी पड़ी। कार्यक्रम में प्रोटोकॉल को लेकर भी गंभीर सवाल उठे।
जिला मुख्यालय के कार्यक्रम में स्थानीय कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप को कथित तौर पर निमंत्रण नहीं भेजे जाने और आमंत्रण पत्र में उनका नाम नहीं होने को लेकर सवाल खड़े हुए। वहीं राज्य स्काउट-गाइड के उपाध्यक्ष कार्तिकेश्वर स्वर्णकार भी दर्शक दीर्घा में बैठे दिखाई दिए। बाद में उन्हें मंच पर बुलाया गया, जिस पर उन्होंने भी आयोजन व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
सांसद कमलेश जांगड़े ने DEO को स्पष्ट रूप से कहा कि खिलाड़ियों को इस तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सवाल यह है कि जिस विभाग पर प्रदेश स्तर की खेल प्रतियोगिता की जिम्मेदारी दी गई है, वह अपने ही उद्घाटन समारोह में अतिथियों और खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं कर पाया?
मामले में प्रोटोकॉल अधिकारी ने भी झाड़ा पल्ला…
जिले के प्रोटोकॉल अधिकारी के रूप में एसडीएम सुब्रतो प्रधान को जिम्मेदारी दी गई लेकिन इस बारे में उनसे जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्कूल खेल विभाग का है. इसमें मैं क्या कर सकता हूं. जिला मुख्यालय में अगर कोई सरकारी कार्यक्रम हो रहा है उसमें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अनुपस्थिति में भी प्रोटोकॉल में नाम रखना जरूरी. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई, उनका नाम निमंत्रण कार्ड में नहीं लिखा गया.
