बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां बेलगहना चौकी क्षेत्र में एक पिता और भाई ने मिलकर सगे बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी और समाज व कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसे आत्महत्या का रूप दे दिया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और वैज्ञानिक जांच के सामने यह खौफनाक साजिश टिक नहीं सकी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप में मृतक के पिता, भाई और एक विधि से संघर्षरत किशोर को महज कुछ ही घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
यह सनसनीखेज मामला ग्राम रतखंडी का है। बीते 20 मई को उमेन्द सिंह पटेल नामक शख्स ने बेलगहना पुलिस चौकी पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके बेटे गौरीशंकर पटेल ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। लेकिन जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का मंजर और शव की स्थिति देखकर अनुभवी पुलिस अधिकारियों को दाल में कुछ काला नजर आया। घटनास्थल की संदेहास्पद स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। गहन वैज्ञानिक जांच के दौरान मृतक के शरीर पर चोट के गहरे निशान मिले, जिसने खुदकुशी के दावे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, आरोपियों ने गुमराह करने के लिए शव के पास जहर की एक खाली शीशी भी रख छोड़ी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पुलिस का शक यकीन में बदल गया और साफ हो गया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली। विवेचना में यह बात सामने आई कि मृतक गौरीशंकर शराब पीने का आदी था और आए दिन घर में विवाद व मारपीट करता था। घटना वाली रात भी वह अत्यधिक नशे में था और परिजनों के साथ हिंसक मारपीट कर रहा था। इसी दौरान तंग आकर परिवार के सदस्यों ने खौफनाक कदम उठा लिया।
संदेह के आधार पर जब पुलिस ने परिजनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो झूठ का किला ढह गया। आरोपी पिता उमेन्द सिंह पटेल, भाई शिवशंकर पटेल और उनके साथ शामिल एक नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि विवाद के दौरान उन्होंने पहले गौरीशंकर को बुरी तरह पीटा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद रस्सी से उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और मुंह दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया गया। हत्या को अमलीजामा पहनाने के बाद आरोपियों ने इसे खुदकुशी दिखाने की साजिश रची। उन्होंने मृतक के मुंह में कीटनाशक डाल दिया और कुछ दवा आसपास भी फैला दी, ताकि पुलिस इसे जहर सेवन का मामला मानकर फाइल बंद कर दे।
फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
