कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पसान तहसील के हल्का नंबर 10 में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल को एक ग्रामीण से खुलेआम रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया है। पिपरिया ग्राम पंचायत के तेंदुपारा का यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पटवारी साफ तौर पर वन अधिकार पट्टा को ऑनलाइन चढ़ाने के एवज में 4 हजार रुपये की घूस लेते हुए दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में पटवारी के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में बिना पैसे लिए कोई काम नहीं होता। पीड़ित ग्रामीणों ने खुलकर सामने आते हुए कहा कि उक्त पटवारी क्षेत्र में जमीन के नामांतरण और वन अधिकार पट्टा दिलाने जैसे कामों के लिए सीधे 5 से 10 हजार रुपये तक की रिश्वत की मांग करता है। जो ग्रामीण पैसे देने में असमर्थ होते हैं, उनके काम महीनों तक लटका कर रखे जाते हैं।
चूंकि मामला सीधे तौर पर गरीब ग्रामीणों के हक और वन अधिकार पट्टे से जुड़ा हुआ है, इसलिए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है। पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पटवारी विनोद अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों को इस प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।
