Chhattisgarh: मिशन मिलेट के तहत लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देने छात्राओं को किया गया प्रोत्साहित, एसडीओ कृषि ने गिनाए मिलेट के फायदे


सीतापुर (फटाफट न्यूज) | अनिल उपाध्याय

Surguja News: मिशन मिलेट के तहत लघु धान्य फसलों के पैदावार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसडीओ कृषि अनिता एक्का शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुँची। जहाँ उन्होंने छात्राओं को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मिशन मिलेट के तहत लघु धान्य फसल की श्रेणी में आने वाले कोदो कुटकी रागी ज्वार बाजरा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि दशकों पहले ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी खेती प्रचुर मात्रा में की जाती थी। बदलते समय के साथ लोग इसकी खेती से दूर होते गए और इनकी जगह धान और अरहर की खेती ने ले लिया।

छत्तीसगढ़ सरकार ने लघु धान्य फसल के तहत कोदो कुटकी रागी ज्वार बाजरा के पैदावार को बढ़ावा देने मिशन मिलेट अभियान शुरू किया है। जिसके तहत अब किसानों लघु धान्य फसल के तहत खेतो में इन फसलों की पैदावार बढ़ाने प्रोत्साहित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ये सभी मोटे अनाज की श्रेणी में आते है और पोषण से भरपूर होते हैं। इसकी खेती में ज्यादा मेहनत भी नही लगता और न ही ज्यादा लागत लगती है। सेहत के लिहाज से कोदो कुटकी रागी ज्वार बाजरा काफी लाभदायक होता है। इससे कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।



स्कूली छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए एसडीओ कृषि ने कहा कि कृषि विभाग मिशन मिलेट अभियान के तहत इसकी खेती को बढ़ावा देने मैदानी स्तर पर युद्धस्तर पर जुटी हुई है। आप लोग भी इस अभियान का हिस्सा बनकर अपने परिवार सहित गाँव के किसानों को इसकी खेती के लिए जागरूक करें। ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस अभियान से जुड़कर लघु धान्य फसल के तहत मोटे अनाज की खेती को अपना सके। इस अवसर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रामप्यारी देवी भुजबल यादव समेत शिक्षक-शिक्षिकायें एवं छात्राएं उपस्थित थे।