नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के बेहद दुर्गम पहाड़ी रास्ते से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पर्यटन के खुशनुमा माहौल को मातम में बदल दिया है। चुराह उपमंडल के बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर बीती 29 मई की आधी रात को छत्तीसगढ़ से आए पर्यटकों की एक एर्टिगा कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में वाहन चालक समेत कुल आठ लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन का संयुक्त खोजी दस्ता मौके पर मुस्तैद है, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते किसी के भी जीवित बचने की उम्मीद न के बराबर रह गई है।
इस दुखद घटनाक्रम की कड़ियाँ तब जुड़ना शुरू हुईं जब छत्तीसगढ़ से आए दो परिवारों के सात सदस्य चंबा के मशहूर पर्यटन स्थल डलहौजी के एक होटल से साच पास की हसीन वादियों का दीदार करने निकले। तय योजना के मुताबिक पर्यटकों को उसी रात होटल वापस लौटना था, लेकिन जब देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिला और मोबाइल भी नेटवर्क से बाहर हो गए, तो चिंतित होटल प्रबंधन ने बिना वक्त गंवाए पुलिस को इसकी इत्तिला दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने जब डलहौजी से साच पास के रूट पर छानबीन शुरू की, तो तड़के बैरागढ़-साच पास मार्ग पर गाड़ी संख्या एचपी-01 सी-2133 के खाई में गिरने का पता चला। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।
प्रशासन के मुताबिक, इस हादसे का शिकार हुए अभागे लोगों में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अरविंद, उनकी पत्नी प्राची, उनके दो मासूम बेटे दर्श और अपशद शामिल थे। वहीं उनके साथ यात्रा कर रहे दूसरे परिवार से पी. जी. कार्तिगहेयन, उनकी पत्नी मणिमाला और उनका बेटा नंदन भी इस गाड़ी में सवार थे। इन दोनों परिवारों के साथ स्थानीय डलहौजी निवासी चालक विश्वास भी वाहन चला रहा था। चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद कमान संभाली है। उन्होंने बताया कि रविवार को सूचना पुख्ता होते ही राहत और बचाव दलों को तुरंत रवाना कर दिया गया था। चूंकि दुर्घटनास्थल बेहद सुदूर और सीधी ढलान वाला दुर्गम क्षेत्र है, इसलिए रेस्क्यू टीमों को वहां तक उतरने और मलबा खंगालने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ों के सफर में सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता यह चंबा जिले में इस महीने का दूसरा बड़ा और भयानक सड़क हादसा है। इससे ठीक पहले बीते 10 मई की रात को भी भटियात उपमंडल के ककीरा-लाहड़ू मार्ग पर ऐसा ही एक मंजर देखने को मिला था, जब तेज बारिश के बीच गुजरात के पर्यटकों से भरी एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर कई फीट नीचे खाई में जा गिरी थी। मनाली से डलहौजी की तरफ जा रहे उन पर्यटकों में से छह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक ही महीने के भीतर हुए इन दो बैक-टू-बैक हादसों ने हिमाचल के दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले सैलानियों की सुरक्षा और रात के समय ड्राइविंग के खतरों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
