33 हजार अपात्र लोगो के बने राशन कार्ड…

कोरबा
जिले में पी डी एस राशन कि सप्लाई भगवान् भरोसे है,, आलम ये है कि निगम क्षेत्र में एक तरफ खाद्य विभाग वितरित राशन कार्डो से करीब ४ हजार ६६ क्विंटल राशन अधिक आबंटित कर रहा है तो वही दूसरी तरफ कई पात्र हितग्राही रासन पाने भटक रहे है,,,, इधर निगम नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि जितना अधिक रासन आबंटित किया जा रहा है उसकी कालाबाजारी कि जा रही है जिसमे अधिकारियो कि भी मिली भगत है वही दूसरी तरफ अधिकारी किसी भी तरह कि गड़बड़ी से इंकार कर रहे है !
कोरबा जिले में शासन कि महती योजना पी डी एस का बुरा हाल है क्योंकि यहाँ एक के बाद एक नई गड़बड़िया सामने आ रही है पहले कोरबा जिले में परिवार कि संख्या से करीब ३३ हजार अधिक राशन कार्ड बना दिए गए तो वही दूसरी तरफ अब भी कई पात्र हितग्राही कार्ड पाने दफ्तरों के चक्कर लगा रहे है ! मगर अब एक नया खुलासा सामने आया है जिससे रासन के इस खेल का बड़ा खुलासा हुआ है दरअसल कोरबा निगम क्षेत्र में ७३ हजार ६१८ कार्डो का निर्माण हुआ है मगर अब तक ६२ हजार रासन कार्ड का वितरण किया गया है मगर निगम क्षेत्र में ७३ हजार ६१८ कार्डो के हिसाब से राशन आबंटन किया जा रहा है यानि यहाँ ११६१८ कार्डो पर करीब ४०६६ क्विंटल रासन का अधिक आबंटन किया जा रहा है ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब ६२ हजार कार्ड ही बांटे गए है तो ७३ हजार ६१८ कार्डो पर राशन क्यों आबंटित किया जा रहा है !
 एक तरफ अधिकारी वितरित रासन कार्ड से ११ हजार कार्डो का ज्यादा रासन आबंटित करने कि बात कह रहे है तो दूसरी तरफ अब भी कई हितग्राही कार्ड के अभाव में राशन पाने भटक रहे है आलम ये है कि कई बार आंदोलन के बाद भी रासन कार्ड इन्हे प्राप्त नहीं हो सका हितग्राहियो का आरोप है कि उन्हें कई बार घुमाया जा रहा है मगर कार्ड नहीं बन सका है जिससे वो महंगा रासन खरीदने को मजबूर है,,,, इधर निगम नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि जिन अधिक कार्डो पर राशन आबंटित किया जा रहा है उसकी कालाबाजारी कि जा रही है जिसमे उचित मूल्य दूकान संचालक साहित अधिकारी भी शामिल है और इसकी जांच कराने कि भी मांग कि गई है दूसरी तरफ खाद्य विभाग के अधिकारी इसमें किसी भी तरह कि गड़बड़ी से साफ़ इंकार कर रहे है !
बहरहाल अब अधिकारी भले ही जो भी दलील दे मगर जिस तरह ४०६६ क्विंटल अधिक रासन कार्ड का आबंटन किया जा रहा है उससे ये साफ़ हो गया है कि किस कदर अधिकारी उचित मूल्य संचालको के साथ कालाबाजारी को अंजाम दे रहे है तो दूसरी तरफ पात्र लोग आज भी सस्ते रासन से वंचित है।
आलम ये है कि कुछ हितग्राही कह रहे है कि हमारा राशन कार्ड नही बना है,, तो कुछ का कहना है कि राशन कार्ड मे बडे पैमाने मे गडबडियां की गई है।
राजेश जायसवाल   सहायक खाद्य अधिकारी का बयान
डिटेल : रासन कि कोई गड़बड़ी नहीं हो रही, उचित मूल्य कि दूकान पर बचे हुए रासन का भंडारण है ! ७३ हजार से ज्यादा राशन कार्डो पर राशन आबंटित किया जा रहा है,, ११ हजार कार्डो का वितरण नहीं हो पाया है !