प्रेम प्रसंग में हुई ह्त्या का पर्दाफास..वेलेंटाइन डे पर प्रेमिका को तोहफे में मिला इंसाफ

सूरजपुर 

देश दीपक “सचिन”

वेलेंटाइन डे के मौके पर सूरजपुर पुलिस ने प्रेम प्रसंग के चक्कर हुई ह्त्या के राज से पर्दा उठा दिया है दरअसल लगभग डेढ़ वर्ष पहले एक युवती के प्रेम प्रसंग में राजकुमार नामक सख्स की ह्त्या कर दी गई थी जिसकी जान्च करते हुए पुलिस ने राजकुमार की प्रेमिका से पूछताछ की जिसके बाद प्रेमिका के बयान पर पता चला की युवती के पूर्व प्रेमी अशोक ने राजकुमार की ह्त्या की है, उसने बताया की ये लोग अक्सर रात में मिला करते थे और ये बात पूर्व प्रेमी को नागवार गुजर रही थी लिहाजा अशोक ने अपने प्रेमिका को दोबारा बाने की फिराक में राजकुमार की ह्त्या कर दी..फिलहाल इस मामले में पुलिस ने आरोपी अशोक को गिरफ्तार कर लिया है और महिला की निसानदेही पर ह्त्या में प्रयोग किये जाने वाले लोहे के राड को भी बरामद कर लिया है। वही पुलिस ने भी प्रेम प्रसंग में हुई प्रेमी की ह्त्या का खुलासा वेलेंटाईन डे के दिन कर मृतक की प्रेमिका को इन्साफ के तौर पर वेलेंटाइन डे का तोहफा भी दे दिया है..

 

सूरजपुर पुलिस डायरी के मुताबिक़ –

लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ग्राम ब्रम्हपुर के जंगल में एक व्यक्ति की सड़ी गली लाष होने की सूचना पर तत्कालीन थाना प्रभारी प्रेमनगर के द्वारा मर्ग कायम कर जांच तस्दीक किया गया था। जांच में अपराध का घटित होना पाये जाने से थाना प्रेमनगर में अपराध क्रमांक 75/16 धारा 302, 201 भा.दं.सं. का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर आर.पी.साय ने मामले की जांच हेतु स्पेषल पुलिस टीम थाना प्रेमनगर एवं चैकी तारा की पुलिस का गठन किया। उक्त तीनों टीमों के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस.आर.भगत एवं एसडीओपी प्रेमनगर चंचल तिवारी के नेतृत्व में जांच की गई, पुलिस टीम के द्वारा मृतक राजकुमार गोंड़ की प्रेमिका तथा उसके परिजनों से पूछताछ करने पर प्रेमिका ने बताया कि पहले प्रेम आरोपी अषोक उर्फ लम्बू से था बाद में मृतक राजकुमार से हो गया था, जो मोबाईल उपहार दिया था जिससे बात करके हमेषा रात में मिलने आता था और दोनों जंगल में जाकर मिलते थे। घटना के कुछ दिन पूर्व राजकुमार ने अषोक को मना किया था कि तुम छोटी से बात मत कर व मत मिलना तब वह इस बात से नाराज होकर पुनः अपनी प्रेमिका को पाने की चाहत में उसका हत्या करने के कुछ दिन पूर्व राजकुमार के घर जाकर उसकी पत्नी को बोला था कि तुम अपने पति को समझा देना नहीं तो ठीक नहीं होगा फिर एक दिन गुरूवार को अपने समधी बैगा उर्फ देवप्रसाद को अपने साथ दारू पिलाया और योजना बनाये क्रेषर से एक मोटा छड़ पकड़ा था और ताक में थे कि जिवतिया त्यौहार के चार दिन पहले गुरूवार की रात को प्रेमिका घर से निकल कर जंगल तरफ मोबाईल से बात करते हुए जा रही थी तब अषोक, देवप्रसाद पीछा करते जाम झरिया जंगल तरफ गये जिन्हें आते देखकर प्रेमिका भाग लौटी थी तब नाला के पास पीछे से अषोक ने मध्यम साईज का पत्थर गला के नीचे पीठ में जोर से मारा तब राजकुमार पेट के बल जमीन में गिर गया, पकड़े राॅड से शरीर पर कई जगह वार कर हत्या कर दिया, मोबाईल बजने पर हैलो-हैलो बोलकर पहाड़ में फेंक दिया तथा मृतक के चप्पल को भी डुमर पेेंड़ तरफ फेंका था और लाष को दोनों मिलकर उठाकर गहरा गड्ढा में डालकर साफी से चेहरा लपेट दिये थे इसके बाद लौटकर दोनों फिर से दारू पिये और अषोक क्रेषर के ऊपर गड्ढा में छड़ को फेंक कर छिपा दिया था, जिसके मेमोरेण्डम कथन अनुसार मृतक का दो चप्पल एवं मारने वाला छड़ पत्थर को बरामद अषोक ने कराया है, आरोपीगण के विरूद्व सबूत अपराध धारा पाये जाने से गिरफ्तार किया गया है।