दो वर्ष पूर्व महोत्सव का आयोजन कर भूल गया प्रशासन..लोगों में भारी नाराजगी..!

@Krantirawat

प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार महेशपुर 

उदयपुर महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रसिद्ध और पुरातात्विक स्थल महेशपुर में वर्षाें से स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले भव्य और आकर्षक कार्यक्रमों को देखकर विगत दो वर्ष पूर्व जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान कलेक्टर श्रीमती रितु सेन के नेतृत्व में धुमधाम से महेशपुर महोत्सव 2016 का भव्य आयोजन किया गया था। उक्त आयोजन में सांसद विधायक सहित संभाग स्तर के प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और इसमें सहभागी बने थे। परंतु एक वर्ष महोत्सव का आयोजन कराकर जिला प्रशासन भूल गया। विगत वर्ष भी कोई आयोजन नहीं हुआ और इस वर्ष भी महोत्सव आयोजन कराने से जिला प्रशासन ने हाथ खड़े कर लिए।

विदित हो कि महेशपुर उदयपुर से उत्तर दिशा में 08 किलामीटर की दूरी पर स्थित है। यहां जाने के लिए केदमा मार्ग में जाना पड़ता है, यहां 10वीं शताब्दी के प्राचीन शिव मंदिर, भगवान विष्णु-लक्ष्मी मूर्ति, नरसिंह अवतार, 8वीं शताब्दी के तीर्थंकर वृषभनाथ जी की प्रतिमा, स्कंधमाता गंगा-जमुना की मूर्तियां दर्पण देखती नायिका आदि शामिल है। सबसे महत्वपूर्ण यह भी है कि यहां बिखरे पड़े अवशेषों को सहेज कर सिरपुर स्थित मंदिरों जैसी मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा महेशपुर महोत्सव आयोजन हेतु कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपा गया परंतु इस ओर कोई पहल नही की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि महेशपुर महोत्सव का आयोजन न किया जाना यहां कि प्रशासनिक उपेक्षा को दर्शाता है। जिस तरह से जिले में रामगढ़ और मैनपाठ महोत्सव का आयोजन पूरी प्रशासनिक ताकत झोंककर मनाया जाता है उसका दसवां हिस्सा भी खर्च कर यहां महोत्सव का आयोजन हो तो इस जगह की लोकप्रियता और ख्याति और बढ़ेगी।