– 17 सदस्यों की मांगों को DPR में शामिल नहीं किया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी, CEO की भूमिका पर उठे सवाल
जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत में आज सामान्य सभा की बैठक में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया. जिला पंचायत में जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी और कथित स्वेच्छाचारिता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया में जिला पंचायत के विपक्षी सदस्यों की मांगों को उचित स्थान नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ गई है। मामले को लेकर अब आंदोलन की चेतावनी तक दे दी गई है।
जांजगीर-चांपा विधायक ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिला पंचायत जनता द्वारा चुने गए सभी सदस्यों से मिलकर चलती है, लेकिन वर्तमान में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कुछ सदस्यों द्वारा कथित तौर पर अपनी स्वेच्छाचारिता थोपने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में निर्णय आपसी सहमति से लिए जाते थे और सभी सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी के अनुसार साथ लेकर चला जाता था।
उन्होंने दो टूक कहा कि DPR तैयार करते समय सभी 17 सदस्यों की मांगों और प्रस्तावों को शामिल किया जाना चाहिए। यदि किसी सदस्य की मांग को दुर्भावनापूर्वक नजरअंदाज किया गया या भेदभावपूर्ण कार्रवाई हुई तो मामले को लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में फोटो खींचने पर भड़का विवाद
जिला पंचायत में आज आयोजित सामान्य सभा की बैठक में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र उमा राठौर के बोलने के समय फोटो खींचने के समय भड़क गई, वही अन्य लोगों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। बैठक में विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
CEO की भूमिका पर निगाह
बैठक में शामिल होने आए विधायक ने कहा कि जिला पंचायत के कामकाज में नियम-कानून का पालन कराने और संबंधित प्रस्तावों पर उचित प्रतिवेदन तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की होती है। ऐसे में अब निगाह CEO के निर्णय पर है कि वे पूरे मामले में निष्पक्षता बरतते हैं या नहीं।
महिला सदस्यों के परिजनो का बैठक में शामिल होने की चर्चा
प्रदेश सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि किसी प्रकार की निकाय एवं जिला पंचायत में महिला सदस्यों की प्रतिनिधि को बैठक में शामिल नहीं होना हैं वहीं उन्होंने महिला सशक्तिकरण की बात करते हुए महिलाओं को प्रतिनिधि करने की बात कही थी, लेकिन जांजगीर चांपा जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक महिला प्रतिनिधियों के साथ उनके परिजन भी बैठक में शामिल हुए जो चर्चा का विषय बना रहा।
