अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..मरम्मत एवं रखरखाव के अभाव में शासकीय पशु चिकित्सालय का दशकों पुराना भवन काफी जर्जर हो गया है।बारिश में होने वाले सीपेज की वजह से छत का प्लास्टर झड़ने लगा है।जिसकी वजह से चिकित्सालय में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।यहाँ कार्यरत चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी जान जोखिम में डालकर नौकरी करने को मजबूर हैं।
विदित हो कि मरम्मत एवं रखरखाव के अभाव विकासखंड मैनपाट के ग्राम राजापुर का दशको पुराना पशु चिकित्सालय काफी जर्जर हो गया है।बारिश के दिनों में सीपेज होने की वजह से छत का प्लास्टर जगह जगह से झड़ने लगा है।जिसकी वजह से चिकित्सालय में हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।बारिश के दिनों में चिकित्सालय की हालत इतनी बदतर हो जाती है कि अंदर बैठकर ड्यूटी कर पाना मुश्किल हो जाता है।बारिश की वजह से होने वाले सीपेज के कारण पूरे भवन में पानी टपकता रहता है और अंदर का हिस्सा पानी से लबालब हो जाता है।
बारिश के रुकते ही सीपेज के कारण अपनी पकड़ खो चुका छत का प्लास्टर टूटकर गिरने लगता है।जिसकी वजह से वहां कार्यरत चिकित्सक एवं कर्मचारियों को हमेशा घायल होने का डर सताता रहता है।कई बार तो हालात इतने खराब हो जाते है कि घायल होने के डर से चिकित्सक समेत कर्मचारियों को चिकित्सालय के बाहर ड्यूटी करनी पड़ती है।इस संबंध में वहाँ पदस्थ चिकित्सक द्वारा कई बार अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए जर्जर हो चुके भवन की मरम्मत की मांग की गई पर वो मांग आज तक पूरी नही हुई।जिसकी वजह से मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करनी पड़ रही हैं।
इस संबंध में पशु चिकित्सक अनीस भगत ने बताया कि जर्जर हो चुके भवन के बारे में उनके द्वारा क्षेत्रीय विधायक एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।लेकिन अभी तक इस मामले में कही से कोई कार्यवाही होती नजर नही आ रही है।
