अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..सरगुजा जिले के सीतापुर इलाके में एनजीटी के प्रतिबंध के बाद भी रेत माफिया द्वारा की जा रही रेत की अवैध तस्करी को लेकर फटाफट न्यूज़ में प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। बुधवार को हरेली की छुट्टी के बाद भी खनिज विभाग क्षेत्र में कार्यवाही के लिए पहुँची और रेत से भरा तीन ट्रैक्टर जब्त कर थाने के हवाले कर दिया। खनिज विभाग की इस कार्यवाही से रेत के अवैध खनन एवं परिवहन करने वालों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि, केंद्र सरकार की संस्था एनजीटी द्वारा प्रतिबंध के बाद भी मांड़ नदी से रेत का अवैध खनन एवं परिवहन किया जा रहा है। रेत माफिया द्वारा एनजीटी के नियमों को धता बताते हुए खुलेआम रेत तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है। मौजूदा समय मे ग्राम भिठुवा स्थित मांड़ नदी से रेत का अवैध खनन कर उसे ग्राम सोनातराई स्थित रेत डंपिंग ग्राउंड में भंडारण किया जा रहा है। जहाँ से हाइवा एवं टिपर वाहन के माध्यम से उसे बाहर खपाया जा रहा है। दरअसल, बरसात के दिनों में एनजीटी के प्रतिबंध के बाद नदी नालों से रेत के खनन पर पूरी तरह रोक लग जाता है। इस वजह से बारिश के दिनों में रेत की कीमत बढ़ जाती है और लोग मुँहमाँगा कीमत देकर रेत खरीदते हैं।
इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया मांड़ नदी का सीना छलनी किए जा रहे है और वहाँ से धड़ल्ले से रेत का अवैध खनन कर रहे है। चूंकि बरसात के दिनों में रेत का अवैध कारोबार उनकी मोटी कमाई का जरिया बन गया है इसलिए वो एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाने से भी बाज नहीं आ रहे है। सीतापुर नगर समेत क्षेत्र में बेखौफ चल रहे अवैध रेत खनन एवं कारोबार को फटाफट न्यूज़ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका असर हुआ और हरेली की छुट्टी के बाद भी बुधवार को खनिज विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुँची और रेत से भरे तीन ट्रैक्टर पकड़कर थाने के हवाले कर दिया।
खनिज विभाग के इस कार्यवाही से जहाँ क्षेत्र में मांड़ नदी से अवैध खनन एवं परिवहन करने वालो में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं रेत माफिया पर इसका रत्तीभर भी असर नही हुआ। रेत माफिया अपनी आदतों से बाज नही आ रहा है और ग्राम सोनातराई स्थित रेत डंपिंग ग्राउंड में रेत भंडारण कराने के बाद उसे दिनदहाड़े हाइवा एवं टिपर वाहन से बाहर लेजाकर खपा रहा है। रेत माफिया द्वारा दिनदहाड़े किए जा रहे रेत के अवैध कारोबार को लेकर खनिज विभाग का दावा है कि उन्होंने सप्ताह भर पहले रेत का अवैध कारोबार करने वाले मनोज अग्रवाल के विरुद्ध नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस नोटिस में खनिज विभाग ने एनजीटी द्वारा प्रतिबंध के बाद भी रेत का भंडारण एवं कारोबार के संबंध में मनोज अग्रवाल से जवाब मांगा है। इसके अलावा अन्य कई बिंदु है जिस पर उसे जवाब देने को कहा गया है। अब सवाल यह उठता है कि खनिज विभाग द्वारा दबिश के बाद अवैध रूप से भंडारित रेत को सील करने के बजाए नोटिस जारी करना कितना सही है। इस संबंध में जानकार लोगों का कहना है कि नोटिस जारी करना मात्र औपचारिकता है और एक तरह से बचाव करने जैसा है। इससे यह साबित होता है कि इस पूरे मामले में खनिज विभाग की मिलीभगत है या फिर कोई दबाव है। जिसकी वजह से विभाग रेत माफिया के विरुद कड़ी कार्यवाही करने से परहेज कर रही है। इस नोटिस के बदले उससे जवाब मांगा जाएगा और जवाब के बाद फाइन जमा करवा के मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।
इस संबंध में माइनिंग इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि रेत कारोबारी मनोज अग्रवाल के विरुद्ध नोटिस जारी कर कई बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। नोटिस का जवाब अगर बिंदुवार नहीं दिया जाता है तो रेत कारोबारी के विरुद्ध विभाग उचित कार्रवाई करेगी।
