अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर नगर में कानून और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। बेखौफ चोरों का तांडव इस कदर बढ़ गया है कि अब उन्हें न तो पुलिस का डर रह गया है और न ही खाकी का खौफ। शनिवार रात चोरों ने नगर की सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए थाने से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित एचडीएफसी (HDFC) बैंक को अपना निशाना बनाया। चोरों ने बैंक के एसी (AC) में लगे करीब 50 हजार रुपये कीमत के तांबे का तार काटकर पार कर दिया। अगली सुबह जब बैंक खुला और एसी चालू नहीं हुआ, तब मैकेनिक को बुलाया गया। जांच में पता चला कि सपोर्टिंग कॉपर वायर नदारद है। बैंक प्रबंधन ने इस मामले में थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब थाने के बगल में स्थित बैंक सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या?
सीतापुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर यह कोई पहला सवाल नहीं है, बल्कि यह उनकी लगातार नाकामी का एक नया अध्याय है। अभी महज एक सप्ताह पहले ही बस स्टैंड स्थित ‘श्री श्याम किराना दुकान’ का शटर तोड़कर रात के अंधेरे में सवा लाख रुपये नकद और कीमती सामान पार कर दिया गया था। थाने के ठीक पीछे और नेशनल हाईवे से सटे इस दुकान में हुई चोरी का सुराग पुलिस आज तक नहीं लगा सकी है। इसके अलावा, नगर में हुई एक करोड़ रुपये की उठाईगिरी का मामला हो या फिर दर्जनों अनसुलझी चोरियां और चेन स्नेचिंग पुलिस की जांच फाइलें धूल फांक रही हैं।स्थानीय प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों का सुस्त रवैया इस बात का प्रमाण है कि नगर की जनता अब पूरी तरह भगवान भरोसे जीने को मजबूर है। गश्त के नाम पर खानापूर्ति और फाइलों में गश्त दिखाने वाली पुलिस केवल बयानों तक सीमित रह गई है। मामले पर रस्म अदायगी करते हुए एसडीओपी तुलसिंह पट्टावी का कहना है कि “पुलिसिया कार्यप्रणाली में कसावट लाई जाएगी और अपराधों पर लगाम लगाया जाएगा।” हालांकि, लगातार गिरते कानून-व्यवस्था के स्तर को देखकर जनता का भरोसा अब पुलिस से पूरी तरह उठ चुका है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों का सुस्त रवैया इस बात का प्रमाण है कि नगर की जनता अब पूरी तरह भगवान भरोसे जीने को मजबूर है। गश्त के नाम पर खानापूर्ति और फाइलों में गश्त दिखाने वाली पुलिस केवल बयानों तक सीमित रह गई है। मामले पर रस्म अदायगी करते हुए एसडीओपी तुलसिंह पट्टावी का कहना है कि “पुलिसिया कार्यप्रणाली में कसावट लाई जाएगी और अपराधों पर लगाम लगाया जाएगा।” हालांकि, लगातार गिरते कानून-व्यवस्था के स्तर को देखकर जनता का भरोसा अब पुलिस से पूरी तरह उठ चुका है।
इसे भी पढ़ें –
छत्तीसगढ़ सरकार पर पेसा कानून और अन्य मुद्दों को लेकर संजय सिंह का हमला
