गरियाबंद। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को गरियाबंद में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में शामिल होने के दौरान प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने पेसा कानून के क्रियान्वयन, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, महिला आरक्षण और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे गंभीर विषयों पर राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया।
सांसद संजय सिंह ने पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी पेसा कानून, 1996 का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में इस कानून का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे आदिवासी समुदाय में गहरा असंतोष है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन वर्तमान सरकार को फैसले लेने के दिशा-निर्देश किसी अन्य केंद्र से प्राप्त हो रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की हालिया परीक्षा से जुड़े विवादों को भी उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नों के उत्तरों में गड़बड़ी का सीधा असर अभ्यर्थियों के चयन और उनके भविष्य पर पड़ता है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके अलावा, महिला आरक्षण के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी का रुख साफ करते हुए उन्होंने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। साथ ही परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाए जाने की योजना पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल अपने राजनीतिक और चुनावी लाभ को ध्यान में रखकर सीटों का पुनर्गठन करने की दिशा में काम कर रहा है।
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