बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..जिले के सयुंक्त कार्यालय भवन के सभा कक्ष में आज उस समय सन्नाटा पसर गया..जब साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले के आलाधिकारी ने एक भारी भरकम विभाग वाले साहब की क्लास ले ली..और साहब अपने भारी भरकम विभाग की बेसिक जानकारी तक मौके पर उपलब्ध नही करा पाये..दरअसल आलाधिकारी ने साहब से आंकड़े पूछे थे.. लेकिन साहब निरुत्तर थे..सुनने में तो यह भी आया है की बैठक के बाद भी साहब के पास डाटा नहीं था!..
बता दें कि, आलाधिकारी सप्ताह की शुरुआत के दिन यानी सोमवार को समय-सीमा की बैठक लेती है..इस दौरान वे सभी विभागों के क्रियान्वित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करती है..और आवश्यक दिशा निर्देश देती है..इसके अलावा लक्ष्य निर्धारित कर शासन की तमाम योजनाओं को समाज के अंतिम पंक्ति तक कैसे पहुंचाया जाये..इसका रूपरेखा भी तैयार किए जाते है!..
वही आज एक भारी भरकम विभाग की समीक्षा आलाधिकारी कर रहे थे..जिसमें उन्होंने संबंधित विभाग के साहब से बेसिक डाटा मांग लिया..और वह साहब के पास नहीं था..सूत्र बताते है की जिस डाटा को अधिकारी जानना चाह रहें थे..उसे एकत्र करने में कोई खास मेहनत करने की आवश्यकता नहीं थी..बल्कि वह बेसिक डाटा तो उनके नॉलेज में होना चाहिए..खैर भारी भरकम विभाग है..शायद इसीलिए साहब से सम्हाले नहीं सम्हल रहा होगा..और उनके सहयोगी इसलिए भी दूर -दूर है..जिसकी प्रमुख वजह गांधी प्रेम को बताया जा रहा है!..
साहब जब जिले में पदस्थ हुये थे..तब से ऐसी चर्चाएं आम हो चली थी..की वे विभागीय मंत्री जी के करीबी है..और वे जब चाहे जो चाहे नियमों के पार जाकर भी कर सकते है..और कुछ पुण्य काम उन्होंने किया भी है..जो जांच के दायरे में है..बहरहाल साहब को अपने विभाग का बेसिक डाटा अपने पास रखना चाहिए.. ताकि उन्हें अप्रत्याशित क्षणों में बाबुओं की ओर झांकना-ताकना ना पड़े!.
