नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली को लेकर देशभर में मचे भारी बवाल और जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच आज सुप्रीम कोर्ट याचिकाओं के एक बड़े पुलिंदे पर अहम सुनवाई करने जा रहा है। इन याचिकाओं में परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA) की साख पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अदालत से केंद्र सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाई गई है। याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग है कि NTA की जगह एक पूरी तरह से स्वतंत्र, तकनीकी रूप से मजबूत और सुरक्षित नई संस्था का गठन किया जाए। इसके साथ ही, याचिका में पेपर लीक मामले की CBI जांच की प्रगति रिपोर्ट आगामी चार हफ्तों के भीतर अदालत में सौंपने का आदेश देने का भी अनुरोध किया गया है।
एक तरफ जहाँ विपक्षी दल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात देश के नाम एक विशेष संदेश जारी किया। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी और हर परीक्षार्थी को निष्पक्ष अवसर मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि पेपर लीक जैसी धांधली को जड़ से मिटाने के लिए सरकार दुनिया का सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय एग्जामिनेशन मॉडल तैयार कर रही है। इसके लिए एक सख्त नया कानून लाने की तैयारी है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगामी सोमवार को संसद के पटल पर रखा जा सकता है।देश में बनते इस दबाव के बीच लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है, जहाँ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। सरकार ने वांगचुक की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया है। संसद के चालू सत्र में सरकार पेपर लीक से जुड़े सभी मुद्दों पर खुली चर्चा के लिए तैयार दिखाई दे रही है। इसके अलावा, इस पूरी त्रासदी के कारण मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
देश में बनते इस दबाव के बीच लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है, जहाँ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। सरकार ने वांगचुक की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया है। संसद के चालू सत्र में सरकार पेपर लीक से जुड़े सभी मुद्दों पर खुली चर्चा के लिए तैयार दिखाई दे रही है। इसके अलावा, इस पूरी त्रासदी के कारण मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
