अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय स्थित अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई है। संभाग के सबसे बड़े इस सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंच रहे गरीब और ग्रामीण मरीजों को भारी बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला अस्पताल के सोनोग्राफी विभाग का है, जहां पिछले चार दिनों से भटक रहे मरीजों के परिजनों का सब्र आखिरकार टूट गया। बदहाली और अव्यवस्था से तंग आकर परिजनों ने मौके का एक वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही साफ नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि जब परेशान मरीजों ने लगातार हो रही देरी पर सवाल उठाए और वीडियो बनाना शुरू किया, तो वहां मौजूद महिला डॉक्टर सोनोग्राफी करना छोड़कर मौके से ही नदारद हो गईं। इस अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीज भर्ती होते हैं और सैकड़ों की संख्या में ओपीडी में पहुंचते हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि यहां दिनभर में केवल 30 मरीजों की ही सोनोग्राफी की जाती है। ऐसे में दूर-दराज के गांवों से पैसे खर्च करके पहुंचे गरीब ग्रामीणों को कई-कई दिनों तक केवल तारीखों के भरोसे छोड़ दिया जाता है।
चिंताजनक बात यह भी है कि सरगुजा संभाग से खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल है। इसके बावजूद संभाग के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल का यह हाल शासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले आमजनों को हो रही इस मानसिक और शारीरिक परेशानी को देखते हुए अब मामले में संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों और डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
