बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मानसून की दस्तक से ठीक पहले विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव का एक अनोखा अंदाज देखने को मिला। रविवार को डिप्टी सीएम प्रोटोकॉल और भारी-भरकम सरकारी अमले को छोड़कर खुद स्कूटी पर सवार होकर बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र का जायजा लेने निकल पड़े। उन्होंने शहर के अलग-अलग हिस्सों में घूमकर मंगल स्थित एसटीपी, बिलासपुर कन्वेंशन सेंटर, राम सेतु और अशोक नगर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की जमीनी प्रगति देखी। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से एक-एक प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट ली और काम की कछुआ चाल पर नाराजगी भी जताई।
सड़कों पर धूल और निर्माण में देरी को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विकास कार्य न सिर्फ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता में रत्ती भर भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन प्रोजेक्ट्स में बिना किसी ठोस वजह के देरी हो रही है, उन्हें युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश देते हुए साव ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अफसरों और ठेका एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के पैसे से बन रही अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) समय पर और बेहतरीन रूप में उन्हें मिलनी चाहिए।
इस दौरे के दौरान डिप्टी सीएम साव का सबसे बड़ा फोकस जीवनदायिनी अरपा नदी को बचाने पर रहा। नदी के लगातार बढ़ते प्रदूषण पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि शहर के करीब 70 नालों का गंदा पानी सीधे अरपा में मिल रहा है, जो बेहद गंभीर मामला है। इसके स्थायी समाधान के लिए सरकार ने 250 करोड़ रुपये का एक बड़ा खाका तैयार किया है, जिसके तहत दो नए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाए जाएंगे। साव ने नगर निगम आयुक्त को कड़े निर्देश दिए कि इस योजना का कंपलीट प्रपोजल तुरंत तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि बिना देर किए बजट पास कराकर काम शुरू कराया जा सके।
बिलासपुर को विकास के नक्शे पर चमकाने का दावा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के आपसी तालमेल से शहर की सूरत तेजी से बदल रही है। मानसून से पहले इस तरह के औचक निरीक्षण का मकसद यही है कि बारिश के दौरान आम जनता को जलभराव या खराब सड़कों की वजह से कोई परेशानी न उठानी पड़े। इस पूरे दौरे के दौरान बिलासपुर के स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी सहित निगम और जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी भी मुस्तैद रहे।
