रायगढ़। शहर की जल निकासी व्यवस्था को ठप करने वाले लापरवाह व्यवसायियों के खिलाफ नगर पालिक निगम ने अब सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। शनिवार को शहर के संजय मार्केट क्षेत्र में स्वच्छता का जायजा लेने उतरी निगम की टीम ने नाले में कचरा फेंककर जलभराव की स्थिति पैदा करने के आरोप में तीन नामचीन कपड़ा प्रतिष्ठानों पर कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। निगम की इस औचक कार्रवाई से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
सफाई अभियान और निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संजय मार्केट के मुख्य नाले में दुकानों की छतों से भारी मात्रा में कपड़े का कतरन और कचरा फेंका जा रहा था। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नाले की सफाई के दौरान निगम कर्मियों ने दो मिनी टिप्पर से ज्यादा सिर्फ कपड़ों का वेस्ट मटेरियल बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में हुई बारिश के दौरान इसी कचरे की वजह से पूरा नाला चोक हो गया था और पूरे इलाके में घुटनों तक पानी भर गया था। जलभराव की इसी समस्या की जड़ तक पहुँचते हुए निगम ने ‘रायगढ़ क्लॉथ’, ‘ए टू ज़ेड ड्रेसेज’ और ‘सर्वमंगला क्लॉथ’ को सीधे तौर पर जिम्मेदार पाया और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के लिए तीनों पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक दंड आरोपित किया।
इस कड़ी कार्रवाई पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने दो टूक चेतावनी दी है कि शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का जिम्मेदारी से पालन करें और कचरा सिर्फ निर्धारित स्थानों पर ही डालें। कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ शुरुआत है; अगर दोबारा किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा ऐसी लापरवाही पाई गई, तो जुर्माने की राशि बढ़ाने के साथ-साथ उनके खिलाफ वैधानिक और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए सभी स्वच्छता निरीक्षकों को फील्ड पर रहकर 24 घंटे पैनी नजर रखने और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
