रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व सैनिक रामकुमार टोप्पो के विरुद्ध दर्ज हुई एफआईआर का मामला अब दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है। एक्स पैरामिलिट्री सीएपीएफ वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने इस पूरे मामले में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रायपुर कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, और उसके बाद ही कोई अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाए। इस ज्ञापन की प्रतियां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा और राज्य के राजस्व मंत्री को भी सूचनार्थ भेजी गई हैं।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में विधायक रामकुमार टोप्पो के अनुशासित और सेवाभावी अतीत का हवाला देते हुए कहा है कि वे सीएपीएफ के एक प्रतिष्ठित पूर्व सैनिक हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। सैन्य सेवा के दौरान उनके अदम्य साहस के लिए उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्वारा ‘वीरता पदक’ से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक द्वारा भी उन्हें कई अवसरों पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र और पदकों से सम्मानित किया गया है। ऐसे राष्ट्रभक्त और अनुशासित व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी ठोस सबूत के मामला दर्ज होना अत्यंत चिंताजनक है।
एसोसिएशन का आरोप है कि सीतापुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 11 से निर्वाचित होने के बाद, पिछले ढाई वर्षों से अधिक के अपने कार्यकाल में विधायक टोप्पो ने हमेशा पारदर्शिता, जनहित और आदिवासी समाज के कल्याण को प्राथमिकता दी है। उन पर आज तक भ्रष्टाचार या व्यक्तिगत प्रकृति का कोई गंभीर आरोप नहीं लगा है। वे प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। ऐसे में बिना पर्याप्त तथ्यों और साक्ष्यों के अचानक एफआईआर दर्ज किए जाने से न केवल उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि क्षेत्र की जनता, उनके समर्थकों और पूर्व सैनिक परिवारों की भावनाएं भी बुरी तरह आहत हुई हैं।
ज्ञापन में विरोधी पक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि आरोप लगाने वाला पक्ष प्रशासनिक पदों पर बैठा हुआ है और वे संगठित होकर अपने शासकीय कर्तव्यों की अवहेलना कर रहे हैं। आरोप है कि यह पक्ष प्रदेश की जनता के राजस्व संबंधी जरूरी काम रोककर आम लोगों को परेशान कर रहा है और शासन पर माननीय विधायक की गिरफ्तारी के लिए अनुचित व अनावश्यक दबाव बना रहा है। पूर्व सैनिक संघ ने प्रधानमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि जनता के राजस्व कार्य सुचारू रूप से चल सकें और किसी भी कार्रवाई से पहले मामले का पूरा सच सामने आ सके।
