नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल पर मंगलवार को उस समय बड़ा तकनीकी संकट खड़ा हो गया, जब लाइव होते ही साइट अचानक ठप हो गई। देश भर के सैकड़ों छात्रों ने शिकायत की कि प्लेटफॉर्म शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर लॉगिन फेलियर और स्क्रीन फ्रीज जैसी गंभीर समस्याएं आने लगीं। हालांकि, सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बाद सीबीएसई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबह करीब 9:52 बजे आधिकारिक बयान जारी किया और दावा किया कि पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर कर इसे दोबारा पूरी तरह लाइव कर दिया गया है।
इससे पहले, सुबह से ही स्टूडेंट्स को पोर्टल एक्सेस करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कई छात्रों ने बताया कि सही क्रेडेंशियल और कैप्चा कोड दर्ज करने के बावजूद वेबसाइट आगे प्रोसेस नहीं हो रही थी और स्क्रीन पर ‘वेरिफिकेशन फेल्ड, प्लीज चेक योर डिटेल्स’ का एरर मैसेज दिखाई दे रहा था। परेशान छात्रों ने इसके स्क्रीनशॉट और वीडियो भी ऑनलाइन शेयर किए। मूल्यांकन से असंतुष्ट एक छात्र ने बताया कि इवैल्यूएटर द्वारा कुछ सवाल चेक न किए जाने के कारण वे अप्लाई करने पहुंचे थे, लेकिन पोर्टल बार-बार उनकी लॉगिन जानकारी रिजेक्ट कर रहा था।
तकनीकी खराबी पर स्पष्टीकरण देते हुए सीबीएसई ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर नया लिंक साझा किया और छात्रों को आश्वस्त किया कि अब वे सुचारू रूप से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश भी जारी किया है। सीबीएसई के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से इस बार पोर्टल में आधार वेरिफिकेशन को शामिल किया गया है। जिन छात्रों के पास अपना आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, रिश्तेदारों या कानूनी अभिभावकों के आधार विवरण का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, बोर्ड ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में नाम, जन्म तिथि और जेंडर की जानकारी उसी व्यक्ति की होनी चाहिए, जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।
