रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सड़कों पर अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन के ऑटो या ई-रिक्शा दौड़ा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। यातायात पुलिस ने शहर में चल रहे इन वाहनों के अनिवार्य पंजीयन अभियान को लेकर अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया है। आगामी 5 जून की रात 8 बजे के बाद सड़कों पर केवल वही थ्री-व्हीलर्स नजर आएंगे जिनका डेटा पुलिस के पास होगा, अन्यथा बिना पंजीयन वाले वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत जब्ती और चालान जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी। बीते 20 मई से शुरू हुए इस 15 दिवसीय विशेष अभियान के अब महज कुछ ही दिन शेष बचे हैं, जिसने शहर के वाहन चालकों के बीच हलचल बढ़ा दी है।
इस पूरी कवायद के पीछे पुलिस प्रशासन का मकसद शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ सुरक्षा का एक अभेद्य चक्र तैयार करना है। दरअसल, आंकड़ों की नजर से देखें तो रायपुर में करीब 20 हजार पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, लेकिन पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक महज 6,228 चालकों ने ही अपना विवरण दर्ज कराया है। एक बड़ी आबादी अभी भी इस दायरे से बाहर है, जिससे निपटने के लिए अब सख्ती का रास्ता चुना गया है।
यातायात पुलिस का मानना है कि इस डिजिटल डेटाबेस से न केवल शहर में दौड़ रहे वाहनों की वास्तविक संख्या का सटीक पता चलेगा, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी बड़ी मदद मिलेगी। अक्सर देखा जाता है कि किसी आपराधिक घटना के बाद संदिग्ध वाहन की पहचान करना मुश्किल होता है, लेकिन इस व्यवस्था के बाद गुनहगारों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। यही नहीं, सफर के दौरान अगर किसी यात्री का कीमती सामान गाड़ी में छूट जाता है, तो पुलिस पलक झपकते ही चालक से संपर्क कर सामान वापस दिलाने में सक्षम होगी।
प्रशासन ने इस प्रक्रिया को इतना सरल और हाईटेक बना दिया है कि चालकों को लंबी लाइनों में लगने की जरूरत ही नहीं है। यातायात पुलिस ने जनहित फाउंडेशन के सहयोग से एक ऑनलाइन लिंक और क्यूआर कोड (QR Code) जारी किया है। चालक अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन कर अपना नाम, पता, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन नंबर और आरसी (RC) जैसी बुनियादी जानकारियां खुद ही अपलोड कर सकते हैं।
इसके बावजूद, जो चालक तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं, उनकी सुविधा के लिए यातायात एसीपी सतीष ठाकुर ने बताया कि सभी यातायात थानों और च्वाइस सेंटरों के अलावा रेलवे स्टेशन, भाठागांव बस स्टैंड तथा कलेक्ट्रेट के सामने विशेष पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है जो मौके पर ही चालकों का फॉर्म भरकर पंजीयन पूरा कर रहे हैं। अब गेंद वाहन चालकों के पाले में है कि वे समय रहते इस सुरक्षा मुहिम का हिस्सा बनते हैं या 5 जून की समय-सीमा खत्म होने के बाद कानूनी कार्रवाई का सामना करते हैं।
