बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का सामूहिक विवाह समारोह इस बार सिर्फ रस्मों-रिवाजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता और विकास की एक नई इबारत लिख गया। खराब मौसम और लगातार होती बारिश के बीच स्थानीय रेस्ट हाउस में सजे इस मंडप में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने राजनीति और जनसेवा के तालमेल को एक बेहद भावुक और ऐतिहासिक पल में बदल दिया। मौका था 23 नवविवाहित जोड़ों के साथ खुद बेमेतरा विधायक दीपेश साहू के भी परिणय सूत्र में बंधने का, जिसे यादगार बनाने में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
इस आशीर्वाद समारोह का सबसे दिलचस्प और दमदार मोड़ तब आया, जब विधायक दीपेश साहू ने अपनी शादी के तोहफे के रूप में मुख्यमंत्री के सामने खुद के लिए कुछ मांगने के बजाय अपने क्षेत्र की बेटियों का भविष्य मांग लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बेमेतरा में एक नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की मांग रखते हुए कहा कि अगर यहाँ कॉलेज खुलता है, तो जिले की हजारों बेटियों को उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक की इस नि:स्वार्थ मांग पर मुख्यमंत्री ने भी बड़ा दिल दिखाया और बिना एक पल गंवाए मंच से ही बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज खोलने की हरी झंडी दे दी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
समारोह में भावुकता और गर्व का ग्राफ तब और ऊंचा हो गया, जब विधायक दीपेश साहू ने सादगी की एक और मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री साय ने नवदम्पत्ति को आशीर्वाद देते हुए विधायक को जो सम्मान राशि का चेक सौंपा था, दीपेश साहू ने उसे अपने पास रखने के बजाय तुरंत मंच पर ही बोर्ड परीक्षा की टॉपर छात्रा ओमनी वर्मा की आगे की पढ़ाई के लिए दान कर दिया। एक जनप्रतिनिधि द्वारा अपनी ही शादी के मंच से अपनी जनता और युवाओं के लिए ऐसा समर्पण देखकर वहां मौजूद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा, और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित सभी दिग्गज मुग्ध हो गए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महिला शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने विधायक दीपेश साहू की तारीफ करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह में शामिल होकर और अपनी खुशियों को समाज के अंतिम व्यक्ति के साथ बांटकर उन्होंने एक नई और प्रेरणादायक परिपाटी शुरू की है। झमाझम बारिश के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन बेमेतरा के इतिहास में एक ऐसा अनूठा जलसा बन गया है, जो बेटियों की शिक्षा के नए रास्ते खोलने और जनसेवा की एक नई मिसाल के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।
