जांजगीर चांपा। सिंचाई विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। विभाग के मुख्य अभियंता शशांक सिंह पर पदस्थ वाहन चालक से फोन पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले का ऑडियो वायरल होने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और अफसरशाही के रवैये पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांजगीर चांपा सिंचाई विभाग के अधिकारी मुख्य अभियंता शशांक सिंह का एक ऑडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे विभागीय वाहन चालक से फोन पर मां बहन की अशोभनीय गाली-गलौज करते साफ सुना जा सकता हैं। इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान एसडीएम जैसे जिम्मेदार पदाधिकारी के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
ऑडियो में अधिकारी द्वारा चालक को दंतेवाड़ा ट्रांसफर कराने की धमकी देते हुए दबाव बनाते हुए सुना जा सकता है। कथित तौर पर यह पूरी बातचीत विभागीय अनुशासन, प्रशासनिक मर्यादा और सरकारी आचरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाती नजर आती है। वायरल ऑडियो की पुष्टि फटाफट न्यूज नहीं करता।
क्या है पूरा मामला…?
वाहन चालक शशिकांत साहू, जो नरियरा सब डिवीजन में पदस्थ है, जिसको प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सुमित बघेल, एसडीएम अकलतरा के कार्यालय में अटैच किया गया था। इसी बीच मुख्य अभियंता शशांक सिंह द्वारा उसे डिविजन कार्यालय वापस बुलाने का दबाव बनाया गया। तभी वाहन चालक ने स्पष्ट किया कि एसडीएम अकलतरा द्वारा रिलीव नहीं किए जाने के कारण वह तत्काल उपस्थित नहीं हो सकता है। इसी बात से नाराज होकर मुख्य अभियंता ने कथित तौर पर फोन पर मर्यादा लांघते हुए गाली-गलौज की।
चार महीने का वेतन रोका, कलेक्टर के हस्तक्षेप से खुली फाइल….
आरोप है कि शशिकांत साहू का चार महीने का वेतन रोक दिया गया था, जिससे वह लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था। किसी तरह जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा के हस्तक्षेप के बाद केवल एक महीने का वेतन जारी हुआ, जबकि शेष भुगतान अब भी लंबित बताया जा रहा है।
वाहन चालक संघ में आक्रोश, ज्ञापन की तैयारी…
इस पूरे घटनाक्रम से वाहन चालक संघ में जबरदस्त आक्रोश है। संघ ने ऐलान किया है कि वे जिला प्रशासन, जिला कलेक्टर और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। संघ का कहना है कि यह केवल एक चालक का मामला नहीं, बल्कि पूरे वर्ग के आत्मसम्मान और सुरक्षा का सवाल है।
पहले भी विवादों में रहे हैं अधिकारी…..
सूत्रों के मुताबिक, शशांक सिंह पर पूर्व में भी विभागीय अनियमितता, अधीनस्थ कर्मचारियों से दुर्व्यवहार और प्रशासनिक टकराव के आरोप लगते रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनके नेतृत्व में विभागीय वातावरण लगातार तनावपूर्ण रहा है, जिससे कार्य प्रभावित हो रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग….
ऑडियो सामने आने के बाद कर्मचारी संगठनों और आमजन में भारी आक्रोश है। लोग मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारी पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी अपने पद की आड़ में इस तरह की भाषा और व्यवहार करने की हिम्मत न कर सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
