जांजगीर चांपा। जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। जांजगीर-चांपा जिले के किरीत और बिर्रा धान खरीदी केंद्रों में सामने आई बड़ी गड़बड़ी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। सूत्रों की माने तो जांच में धान खरीदी प्रबन्धक,केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर अब FIR दर्ज होने की तैयारी शुरू हो गई है। पूरे मामले में फटाफट न्यूज किरीत धान खरीदी केंद्र का धान घोटाला का खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी पूरे मामले में जांच टीम गठित कर जांच प्रतिवेदन मांगा था। विभाग द्वारा प्रभारियों को धान जमा करने का समय भी दिया था लेकिन आज दिनांक तक धान जमा नहीं कर पाए । अब विभाग इन पर बड़ी कार्रवाई करने का रही है।
सूत्रों के अनुसार निर्धारित समयावधि में धान खरीदी प्रभारी जीरो शॉर्टेज साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहे। जांच में सामने आया है कि किरीत, बिर्रा और कराडी धान खरीदी केंद्रों में अब भी लाखों रुपए मूल्य का धान रिकॉर्ड से गायब है। कुल मिलाकर लगभग 90 लाख से अधिक धान घोटाले की पुष्टि ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किरीत धान खरीदी केंद्र पर पहले भी बड़ी कार्रवाई हो चुकी है, बावजूद इसके गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच पूरी कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, वहीं जिले के अन्य धान खरीदी केंद्रों पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
