रायपुर. चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की जेलों में इस बार अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है. प्रदेशभर की जेलों में बंद 2397 कैदियों ने उपवास रखकर आस्था और श्रद्धा का परिचय दिया है. जेल प्रशासन ने भी इन बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया है.
जानकारी के अनुसार, उपवास रखने वालों में 2125 पुरुष और 272 महिला बंदी शामिल हैं. रायपुर संभाग की जेलों में सबसे अधिक 1140 कैदियों ने व्रत रखा है, जिनमें 1070 पुरुष और 70 महिलाएं हैं. इसके बाद बिलासपुर संभाग में 361 बंदियों ने उपवास रखा है, जिनमें 336 पुरुष और 25 महिलाएं शामिल हैं.
दुर्ग संभाग की जेलों में 243 बंदी उपवास कर रहे हैं, जिनमें 204 पुरुष और 39 महिलाएं हैं. वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग की जेलों में भी कुल 246 बंदियों ने व्रत रखा है, जिनमें 219 पुरुष और 27 महिला बंदी शामिल हैं. कुछ कैदी पूरे नौ दिनों का उपवास रख रहे हैं, जबकि कुछ तीन दिन या अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत कर रहे हैं.
दुर्ग केंद्रीय जेल में नवरात्रि के अवसर पर अखंड ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किया गया है और जोत-जंवारा बोया गया है, जिससे पूरे जेल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है. यहां बंदी प्रतिदिन जसगीत, भजन-कीर्तन और माता की आरती में भाग ले रहे हैं.
जेल प्रशासन ने उपवास रखने वाले बंदियों का पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराया और चिकित्सकीय सलाह के बाद ही उन्हें व्रत रखने की अनुमति दी गई. साथ ही फलाहार के रूप में केला, साबूदाना, फल्लीदाना और गुड़ जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.
